सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में बिहारीगढ़ थाना पुलिस ने फोटो एडिट कर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने और एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में वांछित व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को सतपुरा गांव के बाहर सड़क से पकड़ा। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनव्वर पुत्र अनवर निवासी ग्राम सतपुरा थाना बिहारीगढ़ जनपद सहारनपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार पूरा मामला बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम सतपुरा से जुड़ा है। गांव निवासी सहबान पुत्र मोहम्मद इमरान ने थाने में लिखित शिकायत देकर मनव्वर पर गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि आरोपी ने अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर उनके बेटे सलमान की तस्वीर को कथित रूप से एडिट किया। इसके बाद उस तस्वीर को सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया।
पीड़ित पिता का आरोप है कि तस्वीर वायरल होने के बाद उनके बेटे को सामाजिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। परिवार ने जब आरोपी की इस हरकत का विरोध किया तो उसने कथित तौर पर सहबान और उनके बेटे सलमान को धमकाना शुरू कर दिया। आरोपी पर दोनों को जान से मरवाने और पुलिस के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक आरोपी मनव्वर ने धमकी देने के साथ मामला समाप्त करने के बदले एक लाख रुपये की मांग की थी। रुपये नहीं देने पर परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी गई। इससे पीड़ित परिवार भयभीत हो गया और उसने बिहारीगढ़ थाने पहुंचकर पुलिस से सुरक्षा तथा कानूनी कार्रवाई की मांग की।
सहबान की लिखित शिकायत के आधार पर बिहारीगढ़ पुलिस ने मनव्वर के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 137/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(6) में प्रकरण पंजीबद्ध किया। मुकदमा दर्ज होने के बाद से आरोपी की तलाश की जा रही थी।
पुलिस टीम ने आरोपी के संभावित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर दबिश दी। इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि मनव्वर सतपुरा गांव के बाहर सड़क के पास मौजूद है। सूचना के आधार पर टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
यह कार्रवाई क्षेत्राधिकारी बेहट के पर्यवेक्षण और बिहारीगढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक सतेन्द्र सिंह के नेतृत्व में की गई। पुलिस के मुताबिक आरोपी से प्रकरण के संबंध में पूछताछ की गई है। मामले से संबंधित मोबाइल फोन, एडिट की गई तस्वीर और सोशल मीडिया पर उसके प्रसार के संबंध में तकनीकी साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई भी विवेचना का हिस्सा हो सकती है।
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तस्वीर को किन सोशल मीडिया मंचों पर और कितने लोगों के बीच प्रसारित किया गया था। मामले में आरोपी द्वारा कथित रूप से दी गई धमकियों और रुपये मांगने से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। पीड़ित परिवार और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति की तस्वीर से छेड़छाड़ कर उसे प्रसारित करना और उसके आधार पर धमकी या रंगदारी मांगना गंभीर मामला है। ऐसी गतिविधियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि इस प्रकार की धमकी या ऑनलाइन उत्पीड़न की घटना होने पर तत्काल नजदीकी थाने अथवा साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें।
गिरफ्तार आरोपी को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। मामले की विवेचना जारी है और जांच में प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी पर लगे आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायालय में होगा।