बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (MJPRU) में छात्र हितों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कुलपति को संबोधित ज्ञापन परीक्षा नियंत्रक को सौंपते हुए चैलेंज फॉर्म की समय-सीमा बढ़ाने, स्पेशल बैक परीक्षा शुरू करने और सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों में एनएसएस वेटेज का लाभ देने समेत कई मांगें उठाईं।
प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ता विश्वविद्यालय परिसर में एकत्र हुए और नारेबाजी करते हुए कुलपति कार्यालय पहुंचे। हालांकि कुलपति के मौजूद नहीं होने की जानकारी मिलने के बाद कार्यकर्ता परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व महानगर सह मंत्री नितिन वाल्मीकि ने किया।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से हाल ही में परीक्षा परिणाम जारी किए गए हैं और जल्द ही दीक्षा समारोह भी प्रस्तावित है। ऐसे में छात्रों को चैलेंज फॉर्म भरने के लिए केवल दो दिनों का समय दिया गया, जो पर्याप्त नहीं है। छात्रों को दस्तावेजों की जांच और अन्य प्रक्रियाएं पूरी करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। संगठन ने मांग की कि चैलेंज फॉर्म भरने की समय-सीमा बढ़ाई जाए, जिससे अधिक से अधिक छात्रों को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का मौका मिल सके।
संगठन ने स्पेशल बैक परीक्षा के आवेदन जल्द शुरू करने की भी मांग रखी। एबीवीपी का कहना है कि जिन विद्यार्थियों के कुछ विषयों में बैक आई है, उन्हें दोबारा परीक्षा देने का अवसर जल्द मिलना चाहिए, ताकि वे समय पर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें और उनका शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो।
इसके अलावा एबीवीपी ने विश्वविद्यालय परिसर के शताब्दी द्वार पर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी उठाई। कार्यकर्ताओं का कहना था कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और विश्वविद्यालय परिसर में उनकी प्रतिमा छात्रों को सकारात्मक संदेश देगी।
ज्ञापन में सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले छात्रों को एनएसएस वेटेज का लाभ देने की मांग भी प्रमुख रूप से शामिल रही। एबीवीपी ने कहा कि एनएसएस के माध्यम से सामाजिक कार्यों में योगदान देने वाले विद्यार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया में मिलने वाला लाभ सभी पाठ्यक्रमों में समान रूप से मिलना चाहिए। वर्तमान व्यवस्था में सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों के छात्रों को इससे वंचित रखा जाता है, जिसे बदला जाना चाहिए।
कार्यकर्ताओं ने यह भी मांग की कि दीक्षा समारोह से पहले विश्वविद्यालय परिसर में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसमें पूरे परिसर को वाई-फाई सुविधा से जोड़ने और बिजली व्यवस्था को व्यवस्थित व केंद्रीकृत करने की मांग शामिल है। संगठन का कहना है कि आधुनिक शैक्षणिक माहौल के लिए डिजिटल सुविधाओं और निर्बाध विद्युत आपूर्ति का होना जरूरी है।
एबीवीपी पदाधिकारियों ने कहा कि उनकी सभी मांगें छात्रों के हित से जुड़ी हैं और विश्वविद्यालय प्रशासन को इन पर जल्द निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो संगठन आगे भी आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।
इस दौरान विभाग संगठन मंत्री विकास गोला, रवि प्रताप, कुनाल मिश्रा, हर्षवर्धन, महानगर संगठन मंत्री अरुण सूर्यवंशी, सत्यम गुर्जर, अंश गंगवार, अमन सोनकर समेत बड़ी संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ता मौजूद रहे। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ज्ञापन प्राप्त कर मांगों पर विचार करने की बात कही गई है।