गोरखपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया। समारोह में 81 शिक्षकों को ‘राज्य अध्यापक पुरस्कार-2025’ और ‘मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार-2025’ प्रदान किया गया। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग के 61 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षक शामिल हैं। सम्मानित होने वाले शिक्षकों में 33 महिला शिक्षिकाएं भी शामिल हैं।

राज्य सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को यह सम्मान दिया गया। प्रत्येक शिक्षक को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न और 25 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई। इसके साथ ही राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों के लिए अतिरिक्त सुविधाओं की भी घोषणा की गई है।

81 शिक्षकों को मिला सम्मान

गोरखपुर में आयोजित समारोह में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से चयनित 81 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। बेसिक शिक्षा विभाग के 61 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षकों का चयन पुरस्कार के लिए किया गया।

इन शिक्षकों ने अपने-अपने विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों के बेहतर विकास के लिए योगदान दिया है। राज्य स्तर पर सम्मान मिलने से शिक्षकों के कार्य को पहचान मिली है।

33 महिला शिक्षिकाएं भी शामिल

सम्मान पाने वाले 81 शिक्षकों में 33 महिला शिक्षिकाएं भी शामिल हैं। यह शिक्षा क्षेत्र में महिला शिक्षकों की भागीदारी और उनके योगदान को दर्शाता है।

विद्यालयों में शिक्षण कार्य के साथ विद्यार्थियों की शैक्षणिक और व्यक्तिगत प्रगति में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। महिला शिक्षिकाएं भी इस जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभा रही हैं।

25 हजार रुपये की सम्मान राशि

राज्य अध्यापक पुरस्कार और मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार के तहत प्रत्येक चयनित शिक्षक को 25,000 रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई।

इसके साथ शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न भी दिया गया। पुरस्कार के माध्यम से शिक्षकों के कार्य और योगदान को सम्मानित किया गया।

सम्मान राशि के साथ प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न शिक्षकों के लिए उपलब्धि का प्रतीक होंगे।

सेवानिवृत्ति आयु में दो साल का विस्तार

राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों के लिए सरकार ने विशेष प्रावधान भी किया है। सम्मानित शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा में दो वर्ष का विस्तार दिया गया है।

इसका उद्देश्य अनुभवी और उत्कृष्ट शिक्षकों की सेवाओं का लाभ शिक्षा व्यवस्था को अधिक समय तक उपलब्ध कराना माना जा रहा है।

अनुभवी शिक्षक विद्यार्थियों के साथ-साथ अन्य शिक्षकों का मार्गदर्शन भी कर सकते हैं। ऐसे में अतिरिक्त दो वर्ष की सेवा शिक्षा व्यवस्था के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

रोडवेज बसों में 4 हजार किलोमीटर मुफ्त यात्रा

सम्मानित शिक्षकों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में विशेष सुविधा भी मिलेगी। राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को प्रतिवर्ष 4,000 किलोमीटर तक निःशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की जाएगी।

यह सुविधा शिक्षकों को पुरस्कार के साथ मिलने वाले अतिरिक्त लाभों में शामिल है। इससे उन्हें प्रदेश के भीतर यात्रा करने में सुविधा मिलेगी।

शिक्षकों के योगदान को पहचान

शिक्षक किसी भी समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ उनका व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य की दिशा तय करने में भी शिक्षक योगदान देते हैं।

इसी कारण उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य और मुख्यमंत्री स्तर पर पुरस्कार दिए जाते हैं।

गोरखपुर में आयोजित समारोह में 81 शिक्षकों का सम्मान इसी प्रयास का हिस्सा है।

बेसिक से माध्यमिक स्तर तक शिक्षकों को सम्मान

इस समारोह की खास बात यह रही कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा दोनों विभागों के शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

बेसिक शिक्षा विभाग के 61 शिक्षकों और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षकों को पुरस्कार दिया गया। इससे प्राथमिक और माध्यमिक दोनों स्तरों पर शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले शिक्षकों को पहचान मिली।

शिक्षा की मजबूत नींव के लिए प्राथमिक स्तर और उच्च कक्षाओं के लिए माध्यमिक स्तर दोनों महत्वपूर्ण हैं।

शिक्षकों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश

राज्य सरकार की ओर से शिक्षकों को सम्मानित करने का उद्देश्य उनके मनोबल को बढ़ाना भी है। जब किसी शिक्षक के कार्य को राज्य स्तर पर पहचान मिलती है तो इससे अन्य शिक्षकों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिल सकती है।

विद्यालयों में नए प्रयोग, विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान और बेहतर शिक्षण पद्धतियों को अपनाने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करना शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता बढ़ाने में मददगार हो सकता है।

पुरस्कार के साथ सुविधाएं भी

इस बार राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों को केवल सम्मान राशि तक सीमित लाभ नहीं दिया गया है। सेवानिवृत्ति आयु में दो साल का विस्तार और रोडवेज बसों में प्रतिवर्ष 4,000 किलोमीटर तक मुफ्त यात्रा जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं।

इन प्रावधानों से पुरस्कार का महत्व और बढ़ गया है।

अनुभवी शिक्षकों की सेवाओं का मिलेगा लाभ

सेवानिवृत्ति आयु में दो वर्ष का विस्तार मिलने से पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षक अतिरिक्त समय तक अपनी सेवाएं दे सकेंगे। इससे उनके अनुभव का लाभ विद्यार्थियों और स्कूलों को मिल सकता है।

शिक्षण के लंबे अनुभव वाले शिक्षक नई पीढ़ी के विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन देने के साथ नए शिक्षकों को भी अपनी कार्यशैली और अनुभव से मदद कर सकते हैं।

गोरखपुर में आयोजित हुआ भव्य समारोह

योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए शिक्षक शामिल हुए। शिक्षक दिवस के मौके पर आयोजित इस समारोह में उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मान प्रदान किया गया।

कार्यक्रम ने शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों के योगदान को रेखांकित किया और उन्हें सम्मानित करने के राज्य सरकार के प्रयास को सामने रखा।

शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम की उम्मीद

81 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मान मिलने के बाद उम्मीद है कि यह पहल प्रदेश के अन्य शिक्षकों को भी अपने विद्यालयों में बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगी।

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षक सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में उनके योगदान की पहचान और प्रोत्साहन शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

गोरखपुर में शिक्षक दिवस पर आयोजित समारोह में 81 शिक्षकों को पुरस्कार के साथ आर्थिक सम्मान, अतिरिक्त सेवा अवधि और यात्रा सुविधा दिए जाने से यह आयोजन शिक्षा जगत के लिए महत्वपूर्ण रहा।

 

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