यमुनानगर। हरियाणा के यमुनानगर-जगाधरी शहर में डोर-टू-डोर कचरा उठान और निपटान व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए नगर निगम प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। वर्तमान में कचरा उठाने का काम कर रही एजेंसी का कार्यकाल 31 अगस्त को समाप्त हो गया है। नए टेंडर को अभी मंजूरी नहीं मिलने के कारण नगर निगम ने अस्थायी व्यवस्था के तहत चार महीने की अवधि के लिए नया टेंडर जारी किया है।

इस अस्थायी टेंडर के लिए करीब 6 करोड़ 46 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। नगर निगम प्रशासन जल्द ही एजेंसी को काम आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में है, ताकि शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित न हो।

चार महीने के लिए जारी किया गया नया टेंडर

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, शहर में डोर-टू-डोर कचरा उठान और उसके निपटान का कार्य लगातार जारी रहना जरूरी है। नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया पूरी होने में समय लग सकता है, इसलिए बीच की अवधि के लिए चार महीने का टेंडर लगाया गया है।

प्रशासन का उद्देश्य है कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने तक शहर में कचरा उठाने का काम बिना किसी बाधा के चलता रहे।

अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर एजेंसी को वर्क अलॉट कर दिया जाएगा।

22 वार्डों से रोज निकलता है 250 से 300 टन कचरा

यमुनानगर-जगाधरी नगर निगम क्षेत्र के 22 वार्डों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है। आंकड़ों के अनुसार, शहर से रोजाना करीब 250 से 300 टन कचरा एकत्र किया जाता है।

इस कचरे को कैल गांव में स्थापित प्लांट में ले जाकर निपटान किया जाता है। शहर में निकलने वाले घरेलू और अन्य प्रकार के कचरे के प्रबंधन के लिए डोर-टू-डोर कलेक्शन व्यवस्था अहम भूमिका निभाती है।

दिन और रात दोनों समय हो रहा कचरा उठान

नगर निगम क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए दिन के साथ-साथ रात के समय भी कचरा उठाने का काम किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि शहर की सफाई व्यवस्था को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। कचरा उठान के लिए तय रूट और समय के अनुसार काम किया जा रहा है।

रात के समय कचरा उठाने से बाजार क्षेत्रों और व्यस्त इलाकों में सफाई व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलती है।

नई एजेंसी चयन तक पुरानी व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश

नगर निगम प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती नई एजेंसी के चयन तक मौजूदा व्यवस्था को बनाए रखना है। अगर समय पर वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होती तो शहर में कचरा जमा होने की समस्या पैदा हो सकती थी।

इसी को देखते हुए चार महीने का टेंडर जारी किया गया है। प्रशासन का कहना है कि सफाई व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

कचरा प्रबंधन पर निगम का जोर

शहरों में बढ़ते कचरे के कारण उसके वैज्ञानिक तरीके से निपटान की जरूरत लगातार बढ़ रही है। यमुनानगर नगर निगम भी कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग स्तर पर काम कर रहा है।

कैल गांव स्थित प्लांट में कचरे का निपटान किया जाता है। यहां कचरे को निर्धारित प्रक्रिया के तहत处理 किया जाता है ताकि पर्यावरण पर कम से कम असर पड़े।

नागरिकों से सहयोग की अपील

नगर निगम प्रशासन ने शहरवासियों से भी सफाई व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखें और निर्धारित स्थानों पर ही कचरा डालें।

अधिकारियों का कहना है कि बेहतर सफाई व्यवस्था के लिए केवल निगम ही नहीं, बल्कि नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।

जल्द शुरू होगी नई एजेंसी की प्रक्रिया

फिलहाल नगर निगम की प्राथमिकता चार महीने की अस्थायी व्यवस्था को लागू करना है। इसके बाद नए टेंडर को मंजूरी मिलने पर स्थायी रूप से एजेंसी का चयन किया जाएगा।

नगर निगम प्रशासन का कहना है कि शहर में कचरा उठान और निपटान की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी और लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

यमुनानगर-जगाधरी में रोजाना निकलने वाले सैकड़ों टन कचरे के प्रबंधन को देखते हुए आने वाले दिनों में नई एजेंसी का चयन और उसकी कार्यप्रणाली शहर की सफाई व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।

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