लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राहत और बचाव अभियान लगातार युद्धस्तर पर जारी है। प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है, लेकिन प्रशासन की सक्रियता के कारण अब तक किसी तरह की जनहानि या पशु हानि की सूचना नहीं है।

उत्तर प्रदेश बाढ़ राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, गुरुवार को राज्य के 26 जिलों में बाढ़ का प्रभाव रहा। इन जिलों में करीब 3.53 लाख आबादी प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक भोजन, राहत सामग्री और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का काम लगातार किया जा रहा है।

17 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं। अब तक 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।

वर्तमान में 4,847 लोग बाढ़ शरणालयों में रह रहे हैं। प्रशासन ने प्रभावित लोगों के रहने और खाने की व्यवस्था के लिए प्रदेशभर में 1,312 बाढ़ शरणालय स्थापित किए हैं।

इन राहत केंद्रों में लोगों के लिए भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।

72 हजार से अधिक राहत किट वितरित

बाढ़ प्रभावित परिवारों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के लिए सरकार की ओर से बड़े स्तर पर राहत वितरण अभियान चलाया जा रहा है।

अब तक प्रभावित लोगों को 72,897 बाढ़ राहत किट वितरित की जा चुकी हैं। इन किट में जरूरत की जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों को परेशानी कम हो।

इसके अलावा 3.67 लाख से अधिक लंच पैकेट भी लोगों तक पहुंचाए जा चुके हैं।

प्रशासन और राहत टीमों की सक्रियता

बाढ़ प्रभावित इलाकों में जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय राहत दलों को सक्रिय किया गया है।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए और जरूरतमंद लोगों तक तुरंत सहायता पहुंचाई जाए।

राहत कार्यों में नावों और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल कर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान

बाढ़ के दौरान बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रही हैं।

लोगों को प्राथमिक उपचार, दवाइयां और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन की ओर से साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री कार्यालय से लगातार निगरानी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

सरकार की ओर से बाढ़ की स्थिति और राहत कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। अधिकारियों को प्रभावित लोगों की हर संभव मदद करने के निर्देश दिए गए हैं।

पशुओं के लिए भी व्यवस्था

बाढ़ के दौरान केवल लोगों ही नहीं, बल्कि पशुओं की सुरक्षा भी बड़ी चुनौती होती है। प्रशासन ने पशुओं के लिए भी जरूरी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं।

अभी तक किसी पशु हानि की सूचना नहीं मिलने को प्रशासन राहत कार्यों की सफलता के रूप में देख रहा है।

प्रभावित जिलों में जारी है निगरानी

प्रदेश के 26 जिलों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। नदियों के जलस्तर, बारिश की स्थिति और प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे स्थिति बदल रही है, उसी के अनुसार राहत और बचाव अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।

सरकार का दावा राहत अभियान तेज

प्रदेश सरकार का कहना है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राहत सामग्री वितरण से लेकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तक सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं।

प्रशासन की सक्रियता के चलते अब तक किसी बड़ी घटना की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

फिलहाल उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत अभियान जारी है। सरकार और प्रशासन की कोशिश है कि प्रभावित हर परिवार तक सहायता पहुंचाई जाए और सामान्य स्थिति जल्द बहाल हो सके।

Tags: