त्रिपुरा में फाइनेंशियल फ्रॉड रैकेट का खुलासा, TSR जवान के घर से कैश बरामद
Tripura त्रिपुरा: त्रिपुरा के धलाई जिले में एक त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (TSR) जवान के घर से बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के मामले ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है। इस मामले की जांच अब तेज कर दी गई है, जिसमें कथित फाइनेंशियल फ्रॉड रैकेट के तार जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस ने इस मामले में पुलिस विभाग से जुड़े एक दंपति सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह लोगों को निवेश पर अत्यधिक रिटर्न का झांसा देकर उनसे बड़ी रकम एकत्र कर रहा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, धलाई जिले के सलेमा पुलिस स्टेशन और पश्चिम अगरतला पुलिस स्टेशन में इस संबंध में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। दोनों मामलों की जांच समानांतर रूप से की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो पुलिसकर्मियों को निलंबित भी कर दिया है, ताकि जांच की निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्तर पर संलिप्तता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब एक पुलिस अधिकारी ने शिकायत दर्ज कराई कि एक समूह लोगों से संपर्क कर उन्हें निवेश योजनाओं में ऊंचे मुनाफे का लालच दे रहा है और इस तरह बड़ी रकम वसूली जा रही है। शिकायत के बाद जांच शुरू की गई, जिसमें धीरे-धीरे इस रैकेट की परतें खुलने लगीं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क में शामिल लोग सरकारी तंत्र से जुड़े होने का फायदा उठाकर लोगों को विश्वास में लेते थे। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस रैकेट का दायरा कितना बड़ा है और कितने लोग इसके शिकार बने हैं।
अधिकारियों ने बताया कि बरामद कैश और अन्य वित्तीय लेनदेन की भी गहन जांच की जा रही है। इसके लिए फॉरेंसिक और वित्तीय विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है, ताकि पैसे के स्रोत और उसके उपयोग का पता लगाया जा सके।
पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, क्योंकि जांच में नए नाम और कड़ियां सामने आ रही हैं। साथ ही, यह भी जांच की जा रही है कि क्या यह रैकेट केवल राज्य तक सीमित था या इसके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हैं।
कुल मिलाकर त्रिपुरा का यह मामला एक बड़े फाइनेंशियल फ्रॉड नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है, जिसमें कानून व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका सामने आने के बाद जांच को और गंभीर बना दिया गया है।