शिक्षा ऋण सीमा 5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये: सीएम माणिक साहा

Update: 2026-07-29 16:25 GMT
Agartala अगरतला। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास" के मंत्र को आधार बनाकर जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि योजनाओं को जमीन पर उतारकर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम कर रही है।
एक कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को विभिन्न ऋण वितरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की योजनाएं समाज के हर वर्ग तक पहुंच रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से मेडिकल, एएनएम, जीएनएम और बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए व्यापक सहायता उपलब्ध करा रही है।
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बताया कि मेडिकल शिक्षा के लिए मिलने वाले शिक्षा ऋण की सीमा, जो पहले 5 लाख रुपये थी, उसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है। उनका कहना था कि इस फैसले से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में बड़ी मदद मिलेगी और वे बिना वित्तीय बाधा के अपने सपनों को पूरा कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। शिक्षा के क्षेत्र में आर्थिक
सहयोग
मिलने से छात्र बेहतर भविष्य की ओर बढ़ सकेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन भी तैयार होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी पहल पहले कभी नहीं की गई थी और यह सरकार की छात्र हितैषी सोच को दर्शाती है। माणिक साहा ने विश्वास जताया कि शिक्षा ऋण की बढ़ी हुई सीमा से अधिक से अधिक विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है, ताकि युवाओं को बेहतर अवसर मिलें और त्रिपुरा के समग्र विकास को नई गति मिल सके।
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