Hyderabad.हैदराबाद: तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (TGSRTC) की हाल ही में समाप्त हुई हड़ताल ने हैदराबाद के ऑटो रिक्शा चालकों की आमदनी पर सीधा असर डाला है। जब बस सेवा ठप थी, तब ऑटो रिक्शा चालकों को शहर में यात्रियों की अच्छी खासी मांग का फायदा मिल रहा था, लेकिन हड़ताल खत्म होते ही ऑटो चालकों की आमदनी में गिरावट दर्ज की गई है।
ऑटो रिक्शा संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि हड़ताल के दौरान यात्रियों ने बस की जगह ऑटो रिक्शा का सहारा लिया था, जिससे उनकी रोजाना की कमाई में लगभग 30-40% की बढ़ोतरी हुई थी। लेकिन अब जैसे ही TGSRTC की बसें परिचालन में आईं, यात्रियों का बायपास होना और बस सेवा का बहाल होना चालकों की आमदनी को प्रभावित कर रहा है।
हड़ताल के दौरान ऑटो चालकों ने शहर के विभिन्न रूटों पर यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित की थी। उन्हें यह अवसर मिला कि वे पैसेंजर्स को अधिक किराए पर ले जा सकें और लंबी दूरी की सवारी भी कर सकें। अब बस सेवा बहाल होने से यात्रियों ने सार्वजनिक परिवहन का चयन किया है, जिससे ऑटो रिक्शा चालकों के लिए रोजमर्रा की आमदनी कम हो गई है।
ऑटो चालकों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि इस बदलाव के बीच उन्हें कुछ राहत देने की योजना बनाई जाए। उन्होंने कहा कि हड़ताल के दौरान उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हुई थी, लेकिन बस सेवा बहाल होने से उन्हें कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन और निजी परिवहन के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। राज्य की जनता को किफायती और सुविधा संपन्न परिवहन चाहिए, वहीं ऑटो रिक्शा चालकों के लिए भी रोजाना की आमदनी सुनिश्चित होना जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि ऑटो चालकों के लिए विशेष रूट और समय सारणी बनाकर उन्हें यात्रियों तक पहुंचाने की रणनीति अपनाई जा सकती है।
TGSRTC के अधिकारियों ने भी कहा कि बस सेवा बहाल होने से यात्रियों को स्थायी और सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलेगा। उन्होंने ऑटो चालकों को यह समझने की सलाह दी कि यह संक्रमणकाल है और धीरे-धीरे दोनों परिवहन सेवाओं के बीच संतुलन स्थापित हो जाएगा।