हैदराबाद: मेडचल ज़िले के डुंडीगल में 11वीं सदी का एक जैन शिलालेख मिला है। यह शिलालेख डुंडीगल में लक्ष्मी नारायण स्वामी मंदिर परिसर में नरसन्नागारी जगन को मिला और इसकी जानकारी 'न्यू तेलंगाना हिस्ट्री ग्रुप' के अध्यक्ष हरगोपाल को दी गई।
मंदिर के पुजारी ने बताया कि यह खंभा पहले डिंडी में एक छोटे तालाब के पास था। उन्होंने कहा कि इसे वहाँ से मंदिर परिसर में लाया गया था। अभी यह शिलालेख वाला खंभा बीच से टूटा हुआ है।
खंभे के तीन तरफ़ 11वीं सदी की तेलुगु और कन्नड़ लिपियों में 41 लाइनें खुदी हुई हैं। शिलालेख में चाँद, सूरज, एक जैन तीर्थंकर और गाय-बछड़े की आकृति बनी है। इसकी पहचान कल्याणी चालुक्य सम्राट त्रिभुवनमल्लदेव के समय के शिलालेख के तौर पर की गई है।