Hyderabad,हैदराबाद: राज्यसभा सांसद RS प्रवीण कुमार ने सोमवार को चेतावनी दी कि Gen Z का विद्रोह और नई पीढ़ी की राजनीतिक सोच तेलंगाना में कांग्रेस पार्टी के लिए चुनौती बन सकती है। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी ने युवाओं की बदलती प्राथमिकताओं और नवीन विचारों को नहीं अपनाया, तो यह राज्य में उसके पतन का संकेत होगा।
RS प्रवीण कुमार ने एक मीडिया बातचीत में बताया कि Gen Z और युवाओं की सोच पारंपरिक राजनीति से अलग है। वे केवल पुराने तरीके और पुरानी नीतियों से संतुष्ट नहीं हैं। उनका मानना है कि तेलंगाना में कांग्रेस को अपनी रणनीति, नीतियां और नेताओं की सक्रियता पर ध्यान देना होगा, नहीं तो युवा मतदाता पार्टी से दूर हो सकते हैं।
उन्होंने कहा, “आज की युवा पीढ़ी सामाजिक न्याय, रोजगार, शिक्षा और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर केंद्रित है। यदि कांग्रेस ने इन मुद्दों पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले चुनावों में इसका असर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। Gen Z का विद्रोह केवल मतदाताओं का असंतोष नहीं, बल्कि बदलाव की आवश्यकता का संकेत है।”
RS प्रवीण कुमार ने यह भी कहा कि कांग्रेस को युवाओं को राजनीति में शामिल करने और उनके विचारों को सुनने का अवसर देना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई युवा नेता अपने क्षेत्रों में सक्रिय हैं, लेकिन उन्हें पार्टी के केंद्रीय निर्णयों में पर्याप्त स्थान नहीं मिला। इस कमी के कारण युवा मतदाता दूसरे विकल्पों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि तेलंगाना में TDP, TRS और अन्य राजनीतिक दलों की ताकत बढ़ रही है, और यदि कांग्रेस Gen Z के मुद्दों और चिंताओं को समझकर रणनीति न बनाए, तो पार्टी का जनाधार कमजोर हो सकता है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि युवा मतदाता डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया के जरिए अधिक जागरूक हो चुके हैं और वे पारंपरिक प्रचार से प्रभावित नहीं होते।
RS प्रवीण कुमार ने कांग्रेस नेतृत्व से अपील की कि वे युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा और सामाजिक न्याय पर केंद्रित नीतियां लागू करें। उन्होंने जोर दिया कि पार्टी को सकारात्मक बदलाव और नई सोच के साथ चुनावों में उतरना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि Gen Z केवल आलोचना करने वाला समूह नहीं है, बल्कि सही दिशा में नेतृत्व मिलने पर यह पार्टी के लिए मतदाता और समर्थक बन सकता है।
साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस ने युवाओं की समस्याओं और मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो यह न केवल तेलंगाना में पार्टी के लिए गंभीर चुनौती होगी, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी इसका असर देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि युवा मतदाता अब सिर्फ पारंपरिक वादों पर भरोसा नहीं करते, बल्कि ठोस और व्यवहारिक कदमों की अपेक्षा करते हैं।
कुल मिलाकर, RS प्रवीण कुमार का बयान कांग्रेस के लिए सावधानी का संकेत है। उन्होंने युवा मतदाताओं के बढ़ते प्रभाव और उनकी सोच में बदलाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी को रणनीति बदलने और नवाचार अपनाने की सलाह दी। यदि कांग्रेस ने समय रहते यह कदम नहीं उठाए, तो यह तेलंगाना में पार्टी के पतन का प्रतीक बन सकता है।