Telangana तेलंगाना: हुज़ूराबाद विधानसभा क्षेत्र के विधायक पाड़ी कौशिक रेड्डी ने शुक्रवार को अम्बेडकर चौक में धरना देकर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध जताया। यह धरना उस समय हुआ जब उन्होंने दसवीं कक्षा की छात्रा वानम श्रीवर्षा का पार्थिव शरीर साथ लेकर प्रदर्शन किया। छात्रा ने वांगारा गुरुकुलम स्कूल में कथित लापरवाही के कारण आत्महत्या कर ली थी। जानकारी के अनुसार, शव का पोस्टमार्टम हुज़ूराबाद क्षेत्रीय अस्पताल में संपन्न हुआ। इसके बाद विधायक कौशिक रेड्डी ने छात्रा के पार्थिव शरीर को लेकर अम्बेडकर चौक तक रैली निकाली और वहां धरना शुरू किया। धरने के दौरान उन्होंने राज्य सरकार पर गुरुकुलम स्कूलों की उपेक्षा का आरोप लगाया और मुख्यमंत्री ए. रेवंथ रेड्डी की कड़ी निंदा की।
विधायक ने कहा कि राज्य में रहائशी स्कूलों में पढ़ रहे छात्र-छात्राएं लगातार अधिकारियों की लापरवाही और शिक्षा व्यवस्था की कमियों के कारण अपने जीवन का अंत कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार वानम श्रीवर्षा के परिवार को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद (एक्स-ग्रैटिया) प्रदान करे। इसके अलावा उन्होंने इस घटना की गंभीर और विस्तृत जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और गुरुकुलम स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की। धरने में स्थानीय नागरिकों और छात्र-छात्राओं ने भी भाग लिया और शिक्षण संस्थानों में सुधार की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह केवल एक छात्रा की आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि राज्य में शिक्षा और बाल सुरक्षा के व्यापक संकट का संकेत है।
विशेषज्ञों का कहना है कि गुरुकुलम जैसे आवासीय स्कूलों में छात्रों की मानसिक और शारीरिक सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बच्चों की आत्महत्या जैसी घटनाएँ न केवल परिवारों के लिए दुखद हैं, बल्कि समाज में शिक्षा व्यवस्था और प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाती हैं। विधायक कौशिक रेड्डी ने मीडिया से कहा कि इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और राज्य सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के जीवन की रक्षा और उनके लिए सुरक्षित शिक्षा वातावरण सुनिश्चित करना किसी भी राजनीतिक या प्रशासनिक बहाने से पहले आना चाहिए।
इस धरने ने हुज़ूराबाद और करिमनगर के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य में गहरा प्रभाव डाला। स्थानीय नेताओं और नागरिकों ने सरकार से तत्काल सुधारों और नीतिगत कदमों की मांग की। वहीं, राज्य सरकार की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। कुल मिलाकर, वानम श्रीवर्षा की दुखद मौत और पाड़ी कौशिक रेड्डी का धरना राज्य में आवासीय स्कूलों की सुरक्षा, प्रशासनिक लापरवाही और बाल अधिकारों के मुद्दे को प्रमुखता से उजागर करता है। यह घटना शिक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों की भलाई के लिए प्रशासनिक सतर्कता की आवश्यकता को स्पष्ट रूप से सामने लाती है।