हैदराबाद: BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने बुधवार को कहा कि भारत का चुनाव आयोग (ECI) "भरोसे के गंभीर संकट" का सामना कर रहा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर उठ रही चिंताओं पर स्वतः संज्ञान (suo motu cognizance) लेने का आग्रह किया।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि एक संवैधानिक संस्था होने के नाते, ECI को शक-ओ-शुबहा से ऊपर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अलावा किसी भी अन्य एजेंसी के पास निष्पक्ष जांच करने की विश्वसनीयता नहीं है।

उन्होंने आगे कहा, "ECI एक संवैधानिक संस्था है। हम इस मामले की जांच के लिए भारत के सुप्रीम कोर्ट के अलावा किसी अन्य एजेंसी पर भरोसा नहीं कर सकते। सुप्रीम कोर्ट को पूर्व चुनाव आयुक्तों की बातों पर ध्यान देना चाहिए और इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू करनी चाहिए। उम्मीद है कि कुछ जवाब सामने आएंगे और सच सामने आएगा।"

सिरसिल्ला के विधायक ने याद दिलाया कि उन्होंने BRS के एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए नई दिल्ली में तीन चुनाव आयुक्तों से मुलाकात की थी और 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंताएं जताई थीं। उन्होंने बताया कि बिहार चुनावों के दौरान भी औपचारिक रूप से चिंताएं जताई गई थीं और चुनाव आयोग से अफ़वाहों को दूर करने, अस्पष्टताओं को स्पष्ट करने और रिविजन प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता लाने का आग्रह किया गया था।

 

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