Hyderabad.हैदराबाद: ‘ब्रिंग बैक स्पैरो’ अभियान ने हैदराबाद में गौरैया और अन्य छोटे पक्षियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इस पहल का उद्देश्य शहर में पक्षियों की घटती संख्या को बढ़ावा देना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना था।
अभियान के तहत स्थानीय समुदाय, स्कूल और एनजीओ सक्रिय रूप से शामिल हुए। उन्होंने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पक्षियों के लिए छोटे घर, पानी और भोजन के स्रोत बनाए। इस पहल से न केवल पक्षियों के आवास में सुधार हुआ, बल्कि लोगों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता भी बढ़ी।
वन विभाग और पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी क्षेत्रों में पक्षियों की संख्या में कमी का मुख्य कारण आवास की कमी, प्रदूषण और भोजन की कमी है। ‘ब्रिंग बैक स्पैरो’ अभियान ने इन चुनौतियों का समाधान करके छोटे पक्षियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया।
अभियान के दौरान लोगों ने सक्रिय रूप से चिड़ियों के लिए घोंसले और फीडिंग स्टेशन लगाए, जिससे गौरैया और अन्य छोटे पक्षियों का संख्या में इजाफा हुआ। स्कूलों ने बच्चों को पक्षियों और उनके पर्यावरणीय महत्व के बारे में शिक्षा दी, जिससे युवाओं में प्रकृति संरक्षण के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ी।
विशेषज्ञों ने बताया कि इस तरह की पहल शहरी जैव विविधता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पक्षियों की संख्या में वृद्धि से पारिस्थितिकी संतुलन में सुधार आता है और कीट नियंत्रण में भी मदद मिलती है।
शहरवासियों ने अभियान की सफलता की सराहना की और भविष्य में और अधिक क्षेत्रों में ऐसे प्रयास जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे कदम जैसे घोंसले लगाना, पानी देना और प्रदूषण कम करना, पक्षियों के संरक्षण में बड़ा योगदान देते हैं।
संक्षेप में, ‘ब्रिंग बैक स्पैरो’ अभियान ने हैदराबाद में पक्षियों की संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण, शहरी जैव विविधता और लोगों में जागरूकता बढ़ाने के दृष्टिकोण से एक सफल उदाहरण साबित हुई है।