Hyderabad में पुलिस कमिश्नर ने दंपति को किया सम्मानित, नाबालिग बच्ची को बचाने में निभाई अहम भूमिका
Hyderabad , हैदराबाद : हैदराबाद शहर के पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने एक ऐसे जोड़े की तारीफ़ की और उन्हें सम्मानित किया, जिन्होंने तुरंत और सही समय पर कार्रवाई करके एक सात साल की बच्ची को 60 साल के एक आदमी के यौन उत्पीड़न के प्रयास से बचाया। कमिश्नर ने कोल्लाती रमेश और मावुलम्मा नाम के इस जोड़े को पारंपरिक शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया और नकद इनाम भी दिया।
आरोपी मोहम्मद शम्सुद्दीन की हरकतें तब नाकाम हो गईं जब इस जोड़े ने उसे बच्ची को ले जाते हुए देखा और तुरंत अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद उसे POCSO और SC/ST एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारी सज्जनार ने ज़ोर देकर कहा कि समाज में अपराध को नियंत्रित करने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी बहुत ज़रूरी है।
जन-सुरक्षा में समुदाय की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कमिश्नर सज्जनार ने कहा, "ऐसे अपराधों को रोकने के लिए जनता की सतर्कता उतनी ही ज़रूरी है जितनी पुलिस की सतर्कता। हर नागरिक को सामाजिक ज़िम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए और अपने आस-पास के माहौल के प्रति जागरूक रहना चाहिए। अगर कोई संदिग्ध लोगों या असामान्य गतिविधियों को देखता है, तो उसे तुरंत 'डायल 100' पर कॉल करके पुलिस को सूचित करना चाहिए।" उन्होंने कहा, "छोटी बच्ची को बचाने में रमेश और मावुलम्मा ने जो बेहतरीन साहस और सूझबूझ दिखाई, उससे सभी को प्रेरणा मिलनी चाहिए।" हैदराबाद पुलिस के अनुसार, यह घटना 25 जून की दोपहर बोराबंदा पुलिस स्टेशन के इलाके में हुई।
60 साल के रिक्शा चालक शम्सुद्दीन ने घर के पास खेल रही सात साल की बच्ची को 20 रुपये का लालच देकर फुसलाया। वह उसे अपने रिक्शे पर एक सुनसान जगह ले गया और उसके साथ यौन उत्पीड़न करने की कोशिश की।
पास ही रहने वाले रमेश और मावुलम्मा ने उसके संदिग्ध व्यवहार को देखा और तुरंत दखल दिया। उन्होंने आरोपी से बच्ची को सुरक्षित बचाया और 'डायल 100' पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची, मोहम्मद शम्सुद्दीन को हिरासत में लिया और बाद में उसे POCSO एक्ट और SC/ST (अत्याचार निवारण) एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया।
इस कार्यक्रम में जुबली हिल्स के DCP रमना रेड्डी, बोराबंदा के SHO सुरेंद्र और पुलिस के अन्य अधिकारी मौजूद थे।