Hyderabad हैदराबाद: राज्य में वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न' (SIR) की सुनवाई में शामिल न होने वाले वोटरों के नाम फाइनल वोटर लिस्ट से हटाए जा सकते हैं। हालांकि वोटरों को यह छूट दी गई है कि वे अपनी जगह परिवार के किसी बालिग सदस्य को SIR सुनवाई में भेज सकते हैं, फिर भी गुरुवार तक राज्य में 47 लाख वोटरों की सुनवाई पूरी नहीं हो पाई है। तेलंगाना चुनाव कार्यालय के अधिकारियों के मुताबिक, जो वोटर तय दिन और समय पर सुनवाई के लिए नहीं आएंगे, उन्हें चुनाव अधिकारी नए नोटिस भेजेंगे। यह सुविधा 5 नवंबर को नोटिस, दावे और आपत्तियों का चरण खत्म होने तक उपलब्ध रहेगी।
अधिकारियों ने कहा, "अगर कई नोटिस मिलने के बाद भी वोटर सुनवाई में शामिल नहीं होते हैं, तो उनके नाम सीधे फाइनल वोटर लिस्ट से हटा दिए जाएंगे। वोटर लिस्ट में दोबारा नाम शामिल करवाने के लिए उन्हें फॉर्म-6 जमा करना होगा। हमें उम्मीद है कि गणेश विसर्जन के बाद यह प्रक्रिया तेज़ हो जाएगी।" राज्य में कुल 3,38,26,448 वोटर हैं और 2,64,87,213 लोगों ने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा किए हैं। 73,39,235 वोटरों को 'एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ और डुप्लिकेट वोटर' (ASDD) कैटेगरी में रखा गया है।
फॉर्म जमा करने वालों में से कुल 92,87,576 वोटरों के लिए SIR नोटिस जारी किए गए थे। इनमें नाम में अंतर, स्पेलिंग की गलती या उम्र में गड़बड़ी जैसी कमियां और SIR 2002 की लिस्ट से मिलान न होने जैसे मामले शामिल थे। गुरुवार तक जिन 85.46 लाख वोटरों को नोटिस भेजे गए थे, उनमें से लगभग 38 लाख वोटरों ने जवाब दिया और उनके दस्तावेज़ों की जांच के बाद उनके नाम फाइनल वोटर लिस्ट में जोड़ने के लिए मार्क कर दिए गए।
हालांकि, राज्य भर में लगभग 3,400 वोटर लिस्ट में शामिल होने के लिए अयोग्य पाए गए क्योंकि वे ज़रूरी दस्तावेज़ जमा नहीं कर पाए या उन्होंने मॉर्फ्ड (बदली हुई) तस्वीरें इस्तेमाल की थीं। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे SIR प्रक्रिया के दौरान गलत जानकारी देने या अपनी तस्वीर मॉर्फ करने वाले लोगों के खिलाफ 'रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ द पीपल एक्ट' के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करें। SIR के संशोधित शेड्यूल के अनुसार, लोग 7 अक्टूबर तक ड्राफ़्ट वोटर लिस्ट पर दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। दावे और आपत्तियों के निपटारे का चरण 5 नवंबर को पूरा होगा। फ़ाइनल वोटर लिस्ट 9 नवंबर को जारी की जाएगी।