करीमनगर। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने बुधवार को कहा कि राज्य के विकास और लंबित मुद्दों के समाधान के लिए वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रियों से जितनी बार जरूरत होगी, उतनी बार मुलाकात करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्यों और केंद्र सरकार को टकराव की राजनीति के बजाय आपसी सहयोग की भावना से आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि कई बड़े प्रोजेक्ट केंद्रीय मंजूरियों और सहयोग के बिना आगे नहीं बढ़ सकते।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने करीमनगर में नवनिर्मित इंटीग्रेटेड डिस्ट्रिक्ट ऑफिस कॉम्प्लेक्स यानी नए जिला कलेक्ट्रेट भवन का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने नए परिसर में जिले के अधिकारियों के साथ पहली समीक्षा बैठक भी की। बैठक में जिले में चल रही विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य तेलंगाना के विकास से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाना है। इसके लिए जहां राज्य स्तर पर फैसले लेने की जरूरत होगी वहां सरकार तेजी से काम करेगी, वहीं जिन परियोजनाओं में केंद्र की अनुमति जरूरी है, उनके लिए केंद्र सरकार के साथ लगातार संवाद किया जाएगा।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि यदि किसी परियोजना पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च कर दिए जाएं, लेकिन बाद में उसकी जरूरी केंद्रीय मंजूरी न मिले तो उस निवेश का अपेक्षित लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पाएगा। इसलिए किसी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर या विकास प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले सभी जरूरी अनुमतियों और विभागीय प्रक्रियाओं को पूरा करना महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों सरकारें संविधान के तहत अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभाती हैं और कई विकास परियोजनाएं ऐसी होती हैं जिनमें दोनों स्तरों पर समन्वय जरूरी होता है। ऐसे में राजनीतिक मतभेद विकास कार्यों में बाधा नहीं बनने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि तेलंगाना से जुड़े मुद्दों पर वह प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों से मिलने में किसी तरह की हिचकिचाहट नहीं रखेंगे। उनका कहना था कि राज्य के लोगों के हित में अगर किसी मुद्दे को लेकर बार-बार दिल्ली जाना पड़े तो भी वह ऐसा करेंगे।
रेवंत रेड्डी पहले भी केंद्र सरकार के कई मंत्रियों से मुलाकात कर तेलंगाना से जुड़े प्रोजेक्ट और प्रस्ताव उठा चुके हैं। राज्य सरकार सड़क, रेलवे, रक्षा भूमि, एयरपोर्ट, सिंचाई और दूसरे बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों पर केंद्र से मंजूरी और सहयोग मांगती रही है। सितंबर के आखिर में भी मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की थी।
करीमनगर के नए कलेक्ट्रेट परिसर को जिले के प्रशासनिक कामकाज को एक ही स्थान पर लाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। अलग-अलग विभागों के कार्यालयों को एक परिसर में उपलब्ध कराने से लोगों को सरकारी कामों के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाने की जरूरत कम होने की उम्मीद है।
उद्घाटन से पहले राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने कार्यक्रम के लिए व्यापक तैयारियां की थीं। संबंधित अधिकारियों ने सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था, नए कलेक्ट्रेट के विभिन्न हिस्सों और मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक से जुड़ी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया था। जिला प्रशासन को कार्यक्रम के दौरान आम लोगों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए भी योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए थे।
मुख्यमंत्री ने पहली समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों से जिले की प्रमुख समस्याओं और विकास कार्यों की जानकारी भी ली। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर जोर दिया।
रेवंत रेड्डी ने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि परियोजनाओं की योजना बनाते समय केवल निर्माण लागत पर ध्यान न दिया जाए, बल्कि उनके संचालन और भविष्य में जनता को मिलने वाले लाभ को भी ध्यान में रखा जाए। यदि किसी परियोजना के लिए केंद्र या किसी अन्य एजेंसी की अनुमति आवश्यक है तो निर्माण से पहले ही उस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री के बयान का मुख्य फोकस केंद्र-राज्य संबंधों में सहयोग पर रहा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी राजनीतिक स्थिति के बावजूद केंद्र के साथ संवाद जारी रखेगी। तेलंगाना के हित से जुड़े मामलों में सरकार जरूरी मंजूरियों, धनराशि और अन्य सहयोग के लिए केंद्र के सामने अपनी मांग रखती रहेगी।
तेलंगाना में कई बड़े प्रोजेक्ट ऐसे हैं जिनमें केंद्रीय मंत्रालयों और एजेंसियों की भूमिका होती है। राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे नेटवर्क, हवाई संपर्क और कुछ औद्योगिक एवं शहरी विकास योजनाओं में केंद्र की मंजूरी या सहयोग जरूरी होता है। इसी वजह से मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को भी परियोजनाओं की प्रक्रिया में सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए रखने की सलाह दी।
नए कलेक्ट्रेट के उद्घाटन के साथ करीमनगर जिले के प्रशासन को नया कार्यालय परिसर मिल गया है। इससे विभिन्न विभागों के बीच तालमेल और आम लोगों को सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने की उम्मीद है।
रेवंत रेड्डी ने इस मौके पर दोहराया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता विकास परियोजनाओं को जमीन पर उतारना और लोगों को उनका लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य और केंद्र के बीच सहयोग जरूरी है और वह तेलंगाना के हितों के लिए प्रधानमंत्री तथा केंद्रीय मंत्रियों से लगातार संपर्क बनाए रखेंगे।
मुख्यमंत्री के इस बयान के साथ तेलंगाना सरकार ने यह संकेत दिया है कि केंद्र के साथ राजनीतिक मतभेद होने के बावजूद विकास से जुड़े मामलों में संवाद और सहयोग जारी रहेगा। अब सरकार का फोकस लंबित मंजूरियों वाले प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने और जिला स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन को तेज करने पर रहेगा।