BRS नेता आरएस प्रवीण कुमार का आरोप, पोडू किसानों की बेदखली रोकने की मांग
Telangana तेलंगाना: RS Praveen Kumar ने Telangana की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए पोडू किसानों को जंगल भूमि से बेदखल करने की कार्रवाई तुरंत रोकने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को प्रभावित किसानों को भूमि के पट्टे (टाइटल) तुरंत देने चाहिए ताकि उनके संवैधानिक अधिकार सुरक्षित रह सकें।
Bharat Rashtra Samithi के महासचिव RS Praveen Kumar ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण आदिवासी समुदायों और वन-आधारित आजीविका पर निर्भर किसानों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई स्थानों पर पोडू खेती करने वाले लोगों को जंगल की जमीन से हटाया जा रहा है, जिससे उनकी आजीविका प्रभावित हो रही है।
पोडू खेती उन आदिवासी और ग्रामीण समुदायों की पारंपरिक कृषि पद्धति है, जो लंबे समय से वन भूमि पर खेती करते आए हैं। इस मुद्दे पर पहले भी कई बार राजनीतिक और प्रशासनिक बहस हो चुकी है।
आरएस प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार की कार्रवाई न केवल वन अधिकार कानून के मूल उद्देश्य के खिलाफ है, बल्कि यह आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों का भी उल्लंघन करती है। उन्होंने कहा कि भूमि अधिकार और आवास योजनाओं में बाधा डालना सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार ने इस दिशा में सुधारात्मक कदम नहीं उठाए, तो Bharat Rashtra Samithi इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि पार्टी इसे संबंधित राष्ट्रीय आयोगों तक ले जाएगी ताकि आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा हो सके।
BRS नेता ने राज्य सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह हाउसिंग स्कीम्स के क्रियान्वयन में बाधा डाल रही है, जिससे गरीब और वंचित वर्गों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार को विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बनाना चाहिए, लेकिन वर्तमान नीतियां ग्रामीण और आदिवासी समुदायों के हितों को नुकसान पहुंचा रही हैं।
इस मुद्दे पर राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, प्रशासन का पहले का कहना रहा है कि वन भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कानून के तहत की जा रही है और इसका उद्देश्य वन संरक्षण सुनिश्चित करना है।
विश्लेषकों का मानना है कि पोडू खेती और वन अधिकारों से जुड़े मुद्दे लंबे समय से राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहे हैं। यह विषय अक्सर राज्य की राजनीति में बहस का केंद्र बनता है, खासकर चुनावी समय में।
आरएस प्रवीण कुमार ने कहा कि उनकी पार्टी किसानों और आदिवासियों के अधिकारों के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी और किसी भी तरह की अन्यायपूर्ण कार्रवाई का विरोध करेगी।
फिलहाल, यह मुद्दा राज्य में राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी और राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।