पानी की किल्लत पर भड़की BRS, सीएम रेवंत रेड्डी के घर प्रदर्शन की चेतावनी
हैदराबाद। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में संभावित पेयजल संकट को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) के विधायकों ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि कन्नेपल्ली पंप हाउस से पानी उठाने और शहर में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो वे हैदराबाद की जनता के साथ मिलकर मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के आवास पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। BRS नेताओं का आरोप है कि गोदावरी नदी में पर्याप्त पानी उपलब्ध होने के बावजूद सरकार उसका सही तरीके से उपयोग नहीं कर रही है।हैदराबाद और रंगा रेड्डी जिलों के BRS विधायकों ने कालेश्वरम परियोजना के अंतर्गत आने वाले कन्नेपल्ली पंप हाउस का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पंप हाउस की स्थिति का जायजा लिया और राज्य सरकार से पानी उठाने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने की मांग की।
कन्नेपल्ली पंप हाउस पहुंचे BRS विधायक
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, निरीक्षण करने वाले प्रतिनिधिमंडल में BRS विधायक देवीरेड्डी सुधीर रेड्डी, माधवराम कृष्णा राव, केपी विवेकानंद गौड़, मरी राजशेखर रेड्डी और बांडरी लक्ष्मा रेड्डी शामिल थे।इनके अलावा पूर्व मंत्री एरबेल्ली दयाकर राव और पूर्व विधायक गांड्रा वेंकट रमना रेड्डी भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा रहे।नेताओं ने कन्नेपल्ली पंप हाउस का निरीक्षण करने के बाद कहा कि गोदावरी नदी में बड़ी मात्रा में पानी बह रहा है, लेकिन उसका उपयोग हैदराबाद की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए नहीं किया जा रहा है।उनका दावा है कि उपलब्ध पानी को पंपिंग व्यवस्था के माध्यम से उपयोग में लाया जा सकता है, जिससे शहर में संभावित जल संकट को कम करने में मदद मिलेगी।
गोदावरी का पानी समुद्र में बहने का दावा
BRS नेताओं ने आरोप लगाया कि गोदावरी नदी का भारी मात्रा में पानी बिना उपयोग के आगे बहकर समुद्र में मिल रहा है। दूसरी ओर हैदराबाद में पेयजल आपूर्ति को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राज्य सरकार को उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना चाहिए। उनका आरोप है कि कांग्रेस सरकार कन्नेपल्ली पंप हाउस से पानी उठाने में विफल रही है।BRS नेताओं के अनुसार, यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में शहर के निवासियों को पानी की आपूर्ति से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।हालांकि, हैदराबाद में पेयजल की वास्तविक उपलब्धता और संभावित कमी के संबंध में स्वतंत्र आधिकारिक आंकड़े इस बयान में प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।
मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन की चेतावनी
BRS विधायकों ने स्पष्ट किया कि यदि राज्य सरकार कन्नेपल्ली पंप हाउस से पानी उठाने की व्यवस्था शुरू नहीं करती है, तो वे अपना विरोध तेज करेंगे।उन्होंने कहा कि हैदराबाद की जनता को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि इस दिशा में तत्काल कार्रवाई नहीं हुई, तो वे स्थानीय लोगों के साथ मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के आवास के सामने प्रदर्शन करेंगे।नेताओं ने कहा कि पेयजल जैसी बुनियादी जरूरत को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
कालेश्वरम परियोजना पर फिर बढ़ी राजनीतिक बहस
कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना तेलंगाना की प्रमुख जल परियोजनाओं में शामिल है। इस परियोजना का उद्देश्य गोदावरी नदी के पानी को पंपिंग प्रणाली के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाना हैकन्नेपल्ली पंप हाउस इस परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। BRS नेताओं का कहना है कि उपलब्ध बुनियादी ढांचे का प्रभावी उपयोग किया जाना चाहिए।वहीं, कालेश्वरम परियोजना को लेकर तेलंगाना में पहले से ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। कांग्रेस और BRS के बीच परियोजना के संचालन, रखरखाव और प्रबंधन को लेकर मतभेद सामने आते रहे हैं।
सरकार के अगले कदम पर नजर
BRS विधायकों की चेतावनी के बाद अब राज्य सरकार की प्रतिक्रिया और कन्नेपल्ली पंप हाउस के संचालन को लेकर अगले निर्णय पर नजर रहेगी।फिलहाल प्रतिनिधिमंडल ने तत्काल पंपिंग शुरू करने और हैदराबाद की पेयजल जरूरतों को प्राथमिकता देने की मांग की है। इस विशेष चेतावनी पर राज्य सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।पेयजल आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर उठे इस विवाद ने तेलंगाना की राजनीति में एक बार फिर कालेश्वरम परियोजना को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।