तेलंगाना हाई कोर्ट ने DGP को पुलिसकर्मियों की पहचान करने का निर्देश दिया
हैदराबाद: तेलंगाना हाई कोर्ट ने सोमवार को 7 सितंबर को विधानसभा में घुसते समय BRS विधायकों को कथित तौर पर रोकने और उनके साथ बदसलूकी करने के मामले में अपने अंतरिम आदेश में बदलाव किया। कोर्ट ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को निर्देश दिया कि वे उन पुलिसकर्मियों की पहचान करें जिन्होंने महिला विधायकों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार या बदसलूकी की थी और उचित कार्रवाई के लिए स्पीकर के सामने विवरण पेश करें।
जस्टिस टी माधवी देवी एक रिट याचिका में राज्य द्वारा दायर उस अर्जी पर सुनवाई कर रही थीं जिसमें 7 सितंबर के अंतरिम आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी। राज्य का तर्क था कि BRS लेजिस्लेटिव पार्टी द्वारा दायर रिट याचिका सुनवाई योग्य नहीं थी और पुलिस ने विधानसभा परिसर के भीतर व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्पीकर और चीफ मार्शल द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार काम किया था।
एडवोकेट जनरल ने तर्क दिया कि BRS विधायकों ने राजनीतिक नारों वाली काली टी-शर्ट पहनकर और सुरक्षा घेरे को जबरन तोड़ने की कोशिश करके स्पीकर के निर्देशों का उल्लंघन किया था। राज्य ने हैदराबाद पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी निषेधाज्ञा और घटना के संबंध में दर्ज FIR का भी हवाला दिया।
कोर्ट ने कहा कि याचिका के सुनवाई योग्य होने के मुद्दे पर विस्तृत विचार की आवश्यकता है और इस पर अंतिम सुनवाई के दौरान निर्णय लिया जा सकता है। कोर्ट ने यह भी गौर किया कि कथित घटना विधानसभा के प्रवेश द्वार पर हुई थी और यह तय करना होगा कि विधायकों को परिसर में प्रवेश करने से पहले रोका गया था या प्रवेश करने के बाद। कोर्ट ने आगे कहा कि FIR में 5 सितंबर के निषेधाज्ञा आदेश के किसी भी उल्लंघन का उल्लेख नहीं था।