वियतनाम नाव हादसा: लावा मोबाइल ने मृतकों के 15 परिवारों को 25-25 लाख रुपये राहत देने का किया ऐलान
चेन्नई/मुंबई: वियतनाम में हुए दर्दनाक नाव हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए लावा इंटरनेशनल मोबाइल कंपनी ने बड़ी राहत की घोषणा की है। कंपनी ने हादसे में मारे गए 15 लोगों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। लावा मोबाइल ने इस मुश्किल घड़ी में मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि वह प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।
लावा कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि प्रभावित परिवारों को सहायता राशि दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीधे उपलब्ध कराई जाएगी। कंपनी ने कहा कि यह सहायता उन परिवारों के प्रति समर्थन जताने का प्रयास है, जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खो दिया।
ग्राहकों और डिस्ट्रीब्यूटर्स के साथ वियतनाम गए थे लोग
जानकारी के मुताबिक, लावा मोबाइल कंपनी ने अपने प्रमुख ग्राहकों और वितरकों के लिए वियतनाम यात्रा का आयोजन किया था। इस यात्रा में भारत से कुल 32 लोग शामिल हुए थे। इनमें कंपनी के कर्मचारी, ग्राहक और वितरक शामिल थे। सभी लोग 12 जुलाई को भारत लौटने वाले थे, लेकिन इससे एक दिन पहले 11 जुलाई को यह भयावह हादसा हो गया।
यात्रा के दौरान सभी लोग फु क्वोक द्वीप के पास स्थित होआन माए रात न्गोई द्वीप क्षेत्र से दोपहर के भोजन के लिए दूसरे स्थान की ओर जा रहे थे। इसी दौरान समुद्र में तेज लहरों के कारण नाव अचानक असंतुलित होकर पलट गई।
तेज लहरों के कारण पलटी नाव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव तट से करीब 400 मीटर दूर थी, तभी समुद्र में अचानक आई एक बड़ी लहर ने नाव को एक तरफ झुका दिया। नाव में बैठे सभी यात्री एक ओर गिर गए, जिससे संतुलन बिगड़ गया और नाव पलट गई।
हादसे के समय नाव में कुल 36 लोग सवार थे। इनमें 32 भारतीय पर्यटक और 4 नाव कर्मचारी शामिल थे। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया, जिसमें 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि 15 लोगों की मौत हो गई।
मृतकों में तमिलनाडु के 10 लोग, आंध्र प्रदेश के 3 लोग और केरल के 2 लोग शामिल थे। हादसे में लावा कंपनी का एक कर्मचारी और कंपनी के 14 वितरकों की जान चली गई।
तमिलनाडु सरकार ने की मदद की पहल
हादसे की जानकारी मिलने के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मृतकों के शवों को जल्द से जल्द भारत लाया जाए और घायलों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने भारतीय दूतावास के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। सरकार की कोशिशों के बाद तमिलनाडु के 10 मृतकों के शव मुंबई के रास्ते चेन्नई और कोयंबटूर हवाई अड्डों पर लाए गए।
हवाई अड्डों पर राजकीय सम्मान के साथ शवों को परिजनों को सौंपा गया। इसके बाद मृतकों के पार्थिव शरीर उनके गृह जिलों में अंतिम संस्कार के लिए भेजे गए।
परिवारों के लिए आर्थिक सहायता
लावा इंटरनेशनल ने हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। कंपनी ने कहा कि वह अपने ग्राहकों और वितरकों के साथ लंबे समय से जुड़े संबंधों को महत्व देती है और इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों की मदद करना उसकी जिम्मेदारी है।
कंपनी ने अपने बयान में कहा, "इस कठिन परिस्थिति में प्रभावित परिवारों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करने के लिए हम राहत सहायता की घोषणा कर रहे हैं। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह राशि सीधे संबंधित परिवारों को दी जाएगी।"
वियतनाम नाव हादसे ने कई परिवारों को गहरा सदमा दिया है। अब सरकारी एजेंसियों और कंपनी की ओर से मिल रही सहायता से प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।