चेन्नई: मद्रास उच्च न्यायालय ने जन नायकन लीक मामले में एक आरोपी के खिलाफ गुंडा अधिनियम के तहत जारी हिरासत आदेश को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति एन सतीश कुमार और न्यायमूर्ति के राजशेखर की खंडपीठ ने गुंडा अधिनियम के तहत उमा शंकर को हिरासत में लेने के लिए ग्रेटर चेन्नई पुलिस के आयुक्त द्वारा 30 जून को पारित हिरासत आदेश को रद्द करने के लिए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर बुधवार को आदेश पारित किया।

याचिका उनकी बहन रेणुका देवी द्वारा दायर की गई थी जिसमें हिरासत आदेश को रद्द करने और उन्हें स्वतंत्र करने की प्रार्थना की गई थी।

उसने कहा था कि उसका भाई त्यागराय नगर में एक कपड़ा दुकान के प्रबंधक के रूप में काम कर रहा था और वह कथित अपराध में शामिल नहीं था।

उन्होंने यह भी कहा था कि हिरासत का आदेश पुलिस आयुक्त द्वारा यांत्रिक तरीके से और बिना दिमाग लगाए पारित किया गया था। हालांकि, सरकारी वकील ने दलील दी कि उमा शंकर एक स्वतंत्र फिल्म संपादक हैं और उन्होंने फिल्म की रिलीज से पहले लीक में अहम भूमिका निभाई है।

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