Tamil Nadu तमिलनाडु: तमिलनाडु के ऊर्जा संसाधन और कानून मंत्री सी.टी.आर. निर्मलकुमार ने कहा है कि पिछले डीएमके शासन के अंतिम चरण में जारी किए गए लगभग 2,000 करोड़ रुपये के टेंडरों को रोक दिया गया है। उन्होंने यह जानकारी शनिवार को चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दी। यह बयान तमिलनाडु इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड इंजीनियर्स एसोसिएशन की 80वीं वर्षगांठ समारोह में दिया गया, जो सेतुपट्टू स्थित अन्ना कलैयारंग में आयोजित किया गया था।
इस कार्यक्रम में मंत्री सी.टी.आर. निर्मलकुमार विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने समारोह का उद्घाटन भी किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बिजली विभाग के इंजीनियर और एसोसिएशन के सदस्य मौजूद रहे। आयोजन के दौरान राज्य के बिजली क्षेत्र की उपलब्धियों और चुनौतियों पर चर्चा की गई।
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य का प्रशासन तभी प्रभावी ढंग से काम कर सकता है जब सरकार और उसके द्वारा संचालित प्रशासनिक तंत्र दोनों बेहतर तरीके से कार्य करें। उन्होंने कहा कि सुशासन के लिए यह आवश्यक है कि सरकार और विभागों के बीच तालमेल मजबूत हो और निर्णय लेने की प्रक्रिया पारदर्शी हो।
मंत्री ने आगे कहा कि राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी विभाग जनता को बेहतर सेवाएं प्रदान करें और विकास कार्य समय पर पूरे हों। इस दौरान उन्होंने बिजली विभाग की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए इंजीनियरों के योगदान की सराहना की।
अपने बयान में उन्होंने पिछली सरकार के अंतिम समय में जारी किए गए लगभग 2,000 करोड़ रुपये के टेंडरों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हें रोक दिया गया है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह निर्णय किन कारणों के आधार पर लिया गया, लेकिन संकेत दिया कि प्रशासनिक समीक्षा के बाद यह कदम उठाया गया है।
मंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने यह भरोसा दिलाया है कि पब्लिक सेक्टर की कंपनियां आगे भी सरकारी क्षेत्र की इकाइयों के रूप में कार्य करती रहेंगी। उन्होंने कहा कि ये कंपनियां राज्य के विकास और बुनियादी सेवाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, इसलिए इन्हें मजबूत और प्रभावी बनाए रखना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाकर चलाने की आवश्यकता है, ताकि जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकें और प्रशासनिक कार्यों में सुधार हो सके।
कार्यक्रम में तमिलनाडु इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड इंजीनियर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्य भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर संगठन की 80 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों और बिजली क्षेत्र में किए गए योगदान पर भी चर्चा की गई। इंजीनियरों ने अपने अनुभव साझा किए और भविष्य की चुनौतियों पर विचार प्रस्तुत किए।
समारोह के अंत में मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बिजली क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है और आने वाले समय में कई सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिजली विभाग और उससे जुड़े कर्मचारियों की समस्याओं पर भी ध्यान दिया जाएगा और आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
इस पूरे कार्यक्रम में प्रशासनिक सुधार, सार्वजनिक क्षेत्र की भूमिका और बिजली विभाग के विकास पर विशेष रूप से चर्चा हुई।