चेन्नई: शुक्रवार को रेवेन्यू मिनिस्टर के.ए. सेंगोट्टैयन ने इस सवाल का सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया कि क्या मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश किया जा सकता है। उन्होंने चेन्नई एयरपोर्ट पर पत्रकारों से कहा कि वे उन्हें इस सवाल से "मुसीबत में न डालें"।
सेंगोट्टैयन कोयंबटूर जाने से पहले चेन्नई एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात कर रहे थे। तभी उनसे 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) के सदस्यों और मंत्रियों की उस मांग के बारे में पूछा गया जिसमें विजय को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की बात कही जा रही है।
इस सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि विजय विकास पर ध्यान देते हुए तमिलनाडु का नेतृत्व कर रहे हैं और चाहते हैं कि राज्य सभी क्षेत्रों में तरक्की करे।
सेंगोट्टैयन ने कहा, "वह मुख्यमंत्री हैं और तमिलनाडु को और अधिक तरक्की की ओर ले जा रहे हैं। उनका एकमात्र मकसद और सोच यही है कि तमिलनाडु सभी क्षेत्रों में आगे बढ़े और पूरे देश के लिए एक मिसाल बने।"
इसके बाद उनसे कांग्रेस के उस विरोध के बारे में पूछा गया जिसमें पार्टी का कहना है कि विजय को नहीं, बल्कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाना चाहिए।
सेंगोट्टैयन ने जवाब दिया, "मैंने साफ तौर पर बता दिया है कि मुख्यमंत्री की सोच क्या है। कृपया कोई और सवाल न पूछें और मुझे मुसीबत में न डालें।"
इसके बाद मंत्री ने और सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया और वहां से चले गए।
उनके ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब सत्ताधारी TVK के भीतर विजय को तमिलनाडु से बाहर भी पेश करने और उन्हें एक संभावित राष्ट्रीय नेता के तौर पर स्थापित करने को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।