पुलिस कर्मियों के 2 मई से छुट्टी लेने पर रोक; DGP संदीप राय राठौर ने आदेश दिया
Tamil Nadu तमिलनाडु: विधानसभा चुनाव की वोटों की गिनती को लेकर राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसी क्रम में तमिलनाडु पुलिस के डायरेक्टर जनरल संदीप रॉय राठौर ने एक अहम आदेश जारी किया है, जिसमें 2 मई से पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के छुट्टी लेने पर रोक लगा दी गई है। यह कदम 4 मई को होने वाली मतगणना और उससे जुड़े सुरक्षा इंतज़ामों को देखते हुए उठाया गया है।
राज्य में 234 विधानसभा सीटों के लिए 23 तारीख को मतदान संपन्न हुआ था। मतदान प्रक्रिया खत्म होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को राज्य के 62 मतगणना केंद्रों के स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित रखा गया है। इन सभी केंद्रों पर सुरक्षा के लिए 24 घंटे हथियारबंद पुलिस तैनात की गई है।
इन मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को तीन स्तरों में बांटा गया है। पहले स्तर पर अर्धसैनिक बल (पैरामिलिट्री फोर्स), दूसरे स्तर पर तमिलनाडु स्पेशल पुलिस फोर्स और तीसरे स्तर पर स्थानीय पुलिस तथा सशस्त्र पुलिस बल तैनात हैं। कुल मिलाकर तीन शिफ्टों में लगभग एक हजार जवान लगातार ड्यूटी पर हैं। राज्यभर में इन 62 केंद्रों की सुरक्षा के लिए करीब 18 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
मतगणना के दिन किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी को ध्यान में रखते हुए डीजीपी संदीप रॉय राठौर ने बुधवार को सभी पुलिस कमिश्नरों और जिला पुलिस अधीक्षकों को एक सर्कुलर भेजा है। इस सर्कुलर में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 2 मई से किसी भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी को सामान्य अवकाश, मेडिकल लीव या मैटरनिटी लीव नहीं दी जाएगी।
आदेश में यह भी कहा गया है कि केवल अत्यंत जरूरी और आपातकालीन स्थिति में ही छुट्टी पर विचार किया जाएगा, वह भी संबंधित पुलिस कमिश्नर या जिला एसपी की अनुमति के बाद ही संभव होगा। साथ ही सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी न रहे।
पुलिस विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि कोई कर्मी बिना उचित कारण के ड्यूटी से अनुपस्थित रहता है या अनधिकृत रूप से छुट्टी लेता है, तो उसके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे आदेश का उद्देश्य मतगणना प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराना है। राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन दोनों ही स्तरों पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
मतगणना के दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था और सख्त निगरानी के बीच तमिलनाडु में राजनीतिक माहौल भी पूरी तरह सतर्क बना हुआ है।