चेन्नई: तमिलनाडु सरकार ने जंगली जानवरों के कारण होने वाले नुकसान और क्षति के लिए मुआवजे की राशि में काफी बढ़ोतरी की है। गंभीर चोटों और आंशिक विकलांगता के मामलों में अधिकतम मुआवजा राशि को 59,100 रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है।
यह संशोधित मुआवजा उन गंभीर चोटों या आंशिक विकलांगता पर लागू होगा, जिसके कारण व्यक्ति 20% से 60% तक अक्षम हो गया हो। इसके लिए जिला चिकित्सा अधिकारी या एक गठित मेडिकल बोर्ड द्वारा प्रमाण पत्र दिया जाना आवश्यक है। इन संशोधित दरों की अधिसूचना पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और वन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव, ककरला उषा द्वारा जारी सरकारी आदेश के माध्यम से दी गई है।
नए नियमों के तहत, इंसानों को लगने वाली मामूली चोटों के लिए भी मुआवजा तय किया गया है—जबकि पहले ऐसी चोटों के लिए कोई मुआवजा नहीं मिलता था—अब इसके लिए अधिकतम 20,000 रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। यह बढ़ा हुआ मुआवजा संरक्षित क्षेत्रों और आरक्षित वनों के अंदर या बाहर, कहीं भी होने वाले मानव-वन्यजीव संघर्षों के मामलों में लागू होगा। हालांकि, इसके लिए शर्त यह है कि प्रभावित व्यक्ति ने वन या वन्यजीव अधिनियमों (Forest or Wildlife Acts) अथवा उनसे जुड़े नियमों का उल्लंघन न किया हो।