मदुरै। तमिलनाडु के मदुरै जिले में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में डेढ़ साल के मासूम बच्चे समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह भीषण दुर्घटना मेलूर के पास थुम्बाइपट्टी फोर-लेन हाईवे पर हुई, जहां तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क की दूसरी ओर चली गई और सामने से आ रहे एक वाहन तथा दूसरी कार से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि टक्कर के बाद वाहनों के परखच्चे उड़ गए और घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चेन्नई निवासी श्रीराम अपने परिवार के साथ किसी निजी कार्य से मदुरै की ओर जा रहे थे। उनकी कार मेलूर के निकट थुम्बाइपट्टी फोर-लेन हाईवे पर पहुंची ही थी कि अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार तेज रफ्तार में थी और अनियंत्रित होने के बाद डिवाइडर पार कर सड़क की दूसरी लेन में पहुंच गई। इसी दौरान सामने से आ रहे एक वाहन और दूसरी कार से उसकी जोरदार टक्कर हो गई।
टक्कर इतनी भयावह थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस तथा एंबुलेंस को सूचना दी। स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया।
हादसे में कार सवार पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में चेन्नई निवासी श्रीराम, उनकी पत्नी रंजना तथा उनका लगभग डेढ़ साल का मासूम बच्चा प्रणिता शामिल हैं। इसके अलावा दो अन्य लोगों की भी इस दुर्घटना में जान चली गई। दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला और कई लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
इस हादसे में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें तत्काल एंबुलेंस की सहायता से मेलूर जिला सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका गहन इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही मेलूर पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। हादसे के कारण कुछ समय तक फोर-लेन हाईवे पर लंबा जाम लग गया था। पुलिस ने क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि तेज रफ्तार और चालक द्वारा वाहन पर नियंत्रण खो देना हादसे का प्रमुख कारण हो सकता है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
दुर्घटना के बाद मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। घटना की खबर मिलते ही मृतकों के रिश्तेदार और परिचित अस्पताल पहुंच गए, जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मासूम बच्चे की मौत की खबर ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि थुम्बाइपट्टी फोर-लेन हाईवे पर अक्सर तेज रफ्तार के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने इस मार्ग पर गति सीमा का सख्ती से पालन कराने, नियमित निगरानी बढ़ाने और यातायात नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि तेज रफ्तार पर नियंत्रण रखा जाए तो इस तरह की दुखद घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर वाहन चलाते समय गति सीमा का पालन करना, सीट बेल्ट का उपयोग करना और सावधानीपूर्वक वाहन चलाना बेहद आवश्यक है। थोड़ी-सी लापरवाही भी कई परिवारों की खुशियां छीन सकती है। इस दुर्घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार ड्राइविंग की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना से संबंधित सभी तथ्यों की विस्तृत जांच की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं अस्पताल में भर्ती तीन घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है, जबकि इस हृदयविदारक हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है।