Tamil Nadu तमिलनाडु: गुरुवार सुबह चाणक्यपुरी स्थित कौटिल्य मार्ग पर तमिलनाडु हाउस में आग लगने की छोटी घटना ने इलाके में अफरातफरी मचा दी। यह घटना उस समय हुई जब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय नीति आयोग की अहम बैठक में भाग लेने के लिए गेस्ट हाउस से निकल रहे थे।
तमिलनाडु हाउस के अंदरूनी सूत्रों ने आग लगने की पुष्टि की और बताया कि यह घटना गैस लीक के कारण हुई। हालांकि, तुरंत ही दमकल और सुरक्षा अधिकारियों ने स्थिति को काबू में कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, आग छोटे स्तर की थी और किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है। इस घटना के कारण सुरक्षा वाले इलाके में अस्थायी तनाव और हलचल देखने को मिली।
तमिलनाडु हाउस चाणक्यपुरी में स्थित है, जो राजधानी दिल्ली के उच्च सुरक्षा वाले इलाकों में आता है। आग लगने की घटना के बाद वहां तैनात सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई की और परिसर में उपस्थित लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारियों ने कहा कि इलाके में सुरक्षा और किसी भी तरह के खतरे को रोकने के लिए पूरी तरह जांच और निगरानी जारी है।
इस बीच, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय तीन दिन के दिल्ली दौरे पर हैं। वे राष्ट्रपति भवन कल्चरल सेंटर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हो रही नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मुख्यमंत्री विजय के तमिलनाडु हाउस से सुरक्षित निकलने के वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिसमें वह बिना किसी परेशानी के गेस्ट हाउस से बाहर आते दिख रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि आग के तुरंत बाद दमकल विभाग और सुरक्षा अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर गैस लीक को रोकने और आग को बुझाने का काम किया। उन्होंने कहा कि यह घटना मामूली थी और किसी भी तरह का बड़ा नुकसान नहीं हुआ। अधिकारियों ने आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद, तमिलनाडु हाउस और आसपास के इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गैस सिलेंडरों और अन्य संवेदनशील उपकरणों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाएगी।
घटना के दौरान मुख्यमंत्री विजय सुरक्षित थे और उनकी सुरक्षा में कोई समझौता नहीं हुआ। सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में होने की पुष्टि की है। वहीं, तमिलनाडु हाउस में रह रहे कर्मचारियों और अन्य गेस्ट्स को भी सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।
यह घटना राजधानी दिल्ली में हाई सिक्योरिटी इलाके में छोटे लेकिन संवेदनशील हादसों की चुनौती को फिर से उजागर करती है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए लगातार तैयार रहने की आवश्यकता है।