चेन्नई: तमिलनाडु इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (Tidco) शिवकाशी में एक प्रस्तावित कॉमन फैसिलिटी सेंटर के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक कंसल्टेंट की तलाश कर रहा है। इसका मकसद भारत के सबसे बड़े आतिशबाजी बनाने वाले क्लस्टर को ज़्यादा वैल्यू वाले डिफेंस और स्पेस से जुड़े पायरोटेक्निक्स (आतिशबाजी तकनीक) के क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद करना है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, विरुधुनगर में लगभग 35 एकड़ में फैले प्रस्तावित शिवकाशी पायरोटेक्निक कॉमन फैसिलिटी सेंटर (SPCFC) के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट और फाइनेंशियल एनालिसिस तैयार करने के लिए प्रपोज़ल (प्रस्ताव) मांगे गए हैं। इस सेंटर को टेस्टिंग, सर्टिफिकेशन, रिसर्च, ऑटोमेशन, स्किल ट्रेनिंग और टेक्नोलॉजी के कमर्शियलाइज़ेशन के लिए एक इंटीग्रेटेड सेंटर के तौर पर बनाने की योजना है।
हालांकि अभी जगह तय नहीं हुई है, लेकिन कंसल्टेंट से उम्मीद है कि वह Tidco की मंज़ूरी के लिए संभावित जगहों की पहचान करेगा। भारत में बनने वाली आतिशबाजी का लगभग 90% हिस्सा शिवकाशी से आता है। टेंडर डॉक्यूमेंट के अनुसार, यहाँ 1,070 से ज़्यादा लाइसेंस्ड मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं, जिनका सालाना टर्नओवर लगभग ₹7,000 करोड़ है। ये यूनिट्स सीधे तौर पर लगभग 3 लाख वर्करों को रोज़गार देती हैं और करीब 5 लाख परिवारों की आजीविका का ज़रिया हैं।
लेकिन इस क्लस्टर को कई स्ट्रक्चरल चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जैसे बार-बार होने वाली सुरक्षा से जुड़ी घटनाएं, ग्रीन क्रैकर्स के लिए नियमों का पालन, मान्यता प्राप्त टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, और ऐसे वर्कर जिनके पास कोई फॉर्मल सर्टिफिकेशन नहीं है। प्रस्तावित सेंटर का मकसद इन कमियों को दूर करना और मैन्युफैक्चरर्स के लिए डिफेंस और स्पेस से जुड़े पायरोटेक्निक्स के क्षेत्र में आगे बढ़ने का रास्ता बनाना है।