मद्रास हाई कोर्ट ने भ्रष्टाचार रिपोर्ट पर RTI पैनल के आदेश को बरकरार रखा
चेन्नई: मद्रास हाई कोर्ट ने डायरेक्टरेट ऑफ़ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन (DVAC) की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें TN राज्य सूचना आयोग के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें पूर्व IPS अधिकारी SR जांगिड के खिलाफ हुई जांच का विवरण देने को कहा गया था।
DVAC ने आयोग के 30 मई, 2024 के आदेश के खिलाफ अपील दायर की थी। इस आदेश में एजेंसी को जांगिड द्वारा RTI एक्ट के तहत मांगी गई जानकारी देने का निर्देश दिया गया था। यह जानकारी उनके खिलाफ कथित भ्रष्टाचार को लेकर हुई जांच से संबंधित थी।
एजेंसी का कहना था कि ऐसी जानकारी का खुलासा करने से गवाहों और गोपनीय सूत्रों को खतरा हो सकता है और RTI एक्ट की धारा 8 (1) (g) के तहत ऐसी जांच रिपोर्टों को सार्वजनिक करने से छूट मिली हुई है।
हालांकि, जस्टिस हेमंत चंदनगौडर ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के लिए RTI से मिली छूट का इस्तेमाल भ्रष्टाचार और मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ी जानकारी देने से इनकार करने के लिए नहीं किया जा सकता।
उन्होंने गौर किया कि जानकारी मांगने वाले याचिकाकर्ता वही अधिकारी हैं जिनके खिलाफ यह जांच की गई थी। DVAC मैनुअल के नियम 29 का हवाला देते हुए जज ने कहा कि जांच के दौरान जुटाई गई जानकारी को गोपनीय रखने का आंतरिक प्रशासनिक निर्देश ऐसी कोई छूट नहीं बना सकता जो RTI एक्ट के प्रावधानों के तहत नहीं दी गई है।