Chennai police ने AI तकनीक से अश्लील तस्वीरें फैलाने वाले टेक एक्सपर्ट को पकड़ा
Chennai.चेन्नई: शहर में एक तकनीकी विशेषज्ञ को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर आरोप है कि उसने अपने सहकर्मी की तस्वीरों को AI तकनीक का इस्तेमाल करके मोर्फ किया और उन्हें ऑनलाइन अश्लील सामग्री के रूप में पोस्ट किया। इस मामले ने सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी की दुनिया में चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह AI का दुरुपयोग करके व्यक्ति की निजता के उल्लंघन का गंभीर मामला है।
चेन्नई पुलिस के साइबर क्राइम विभाग ने बताया कि आरोपी ने ‘लव टुडे’ मूवी के स्टाइल में सहकर्मी की तस्वीरों को AI के जरिए संशोधित किया और उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड कर दिया। पुलिस ने कहा कि यह मामला ऑनलाइन उत्पीड़न और निजता के अधिकार के उल्लंघन का है।
साइबर क्राइम टीम ने आरोपी के कंप्यूटर और मोबाइल उपकरणों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी ने कितने लोगों तक यह सामग्री पहुंचाई और क्या इसके पीछे कोई आपराधिक नेटवर्क शामिल है।
पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि उन्हें ऑनलाइन पोस्ट की गई सामग्री के बारे में पता चलते ही मानसिक तनाव और भय की स्थिति का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, “मेरी निजता का इतना भयानक उल्लंघन हुआ है कि मैं अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रही।”
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना AI और डिजिटल तकनीक के दुरुपयोग की गंभीर चेतावनी है। उन्होंने बताया कि आज के समय में AI तकनीक का गलत इस्तेमाल न केवल व्यक्तियों की निजता के लिए खतरा है, बल्कि सामाजिक और कानूनी दृष्टि से भी गंभीर अपराध है।
चेन्नई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी AI या ऑनलाइन सामग्री के दुरुपयोग की सूचना तुरंत साइबर क्राइम शाखा को दें। अधिकारियों ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी सामग्री फैलाना और शेयर करना भी अपराध के दायरे में आता है।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया और उसे सुरक्षा के लिए हिरासत में रखा गया है। पुलिस ने आश्वस्त किया कि आरोपी के खिलाफ सभी कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना ने तकनीकी दक्षता और AI के दुरुपयोग के खतरे पर ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने सुझाव दिया कि कंपनियों और संगठनों को कर्मचारियों की सुरक्षा, साइबर जागरूकता और डिजिटल प्रशिक्षण पर जोर देना चाहिए।