चेन्नई : भाजपा नेता तमिलिसाई सौंदरराजन ने सोमवार को राज्यसभा सांसद कमल हासन के बयान की निंदा की और उन पर धार्मिक भावनाओं के आधार पर "लोगों को बांटने" का आरोप लगाया।एएनआई से बात करते हुए तमिलिसाई सौंदरराजन ने कमल हासन पर सनातन धर्म को निशाना बनाने पर सवाल उठाया और कहा कि उनके बयान से लोगों की भावनाएं आहत होंगी। भाजपा नेता ने कहा, " कमल हासन अपने कार्यकर्ताओं से ज्यादा डीएमके के आभारी हैं। पहले उन्होंने भाषा का मुद्दा उठाया और विभिन्न राज्यों के लोगों को बांट दिया। अब वह लोगों को धार्मिक भावनाओं के आधार पर बांटने के लिए धार्मिक मुद्दा उठा रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "मैं पूछ रही हूं कि आप सनातन के बारे में क्यों बात कर रहे हैं । अगर वह सनातन के बारे में बोलेंगे तो उदयनिधि और स्टालिन खुश होंगे। हालांकि, तमिलनाडु के लोग नाखुश होंगे और सिर्फ तमिलनाडु ही नहीं , बल्कि उस विचारधारा का पालन करने वाले सभी भारतीयों की भावनाएं आहत होंगी... मैं इसकी कड़ी निंदा करती हूं।"
सुंदरराजन की यह टिप्पणी अभिनेता और मक्कल नीधि मैयम के संस्थापक कमल हासन के उस बयान के बाद आई है , जिसमें उन्होंने कहा था, " शिक्षा ही एकमात्र हथियार है जो तानाशाही और सनातन की जंजीरों को तोड़ सकती है ।"
राज्यसभा सांसद अगरम फाउंडेशन के कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे, जहां वे शिक्षा की आवश्यकता के बारे में बोल रहे थे।
"अपने हाथ में कुछ और मत लो, सिर्फ़ शिक्षा लो। इसके बिना हम जीत नहीं सकते, क्योंकि बहुमत तुम्हें हरा सकता है। बहुसंख्यक मूर्ख (मूदरगल) तुम्हें हरा देंगे; अकेला ज्ञान ही पराजित लगेगा और इसीलिए हमें इसे ( शिक्षा को ) मज़बूती से थामे रखना होगा।" हासन ने कहा।
शिक्षा के क्षेत्र में चुनौतियों का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने बताया कि कैसे 2017 से NEET के लागू होने से कई इच्छुक छात्रों के लिए अवसर सीमित हो गए हैं। उन्होंने कहा, "अग्रम फ़ाउंडेशन भी अपनी पूरी कोशिशों के बावजूद, एक सीमा से आगे छात्रों की मदद नहीं कर पाता क्योंकि क़ानून इसकी इजाज़त नहीं देता। क़ानून बदलने के लिए हमें ताक़त चाहिए और वह ताक़त सिर्फ़ शिक्षा से ही आ सकती है।"
कमल हासन ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के साथ हाल ही में हुई बातचीत को भी साझा किया । उन्होंने कहा, "कल मैंने मुख्यमंत्री से कहा कि एनजीओ पैसे जैसी कोई चीज़ नहीं मांग रहे हैं, वे सिर्फ़ काम करने की अनुमति मांग रहे हैं। उन्होंने मुझे आश्वासन दिया कि इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। मुझे इस अभियान से जुड़ने पर गर्व है।"