चेन्नई से गिरफ्तारी, सेंगीपट्टी में पूछताछ और फिर रिहाई; जानिए पूरा घटनाक्रम

Update: 2026-08-04 16:06 GMT
चेन्नई/तंजावुर : तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता उदयनिधि स्टालिन को कथित द्विअर्थी और अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े मामले में मंगलवार को गिरफ्तार किए जाने के बाद पूछताछ पूरी होने पर जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उदयनिधि से करीब एक घंटे तक पूछताछ की गई और गिरफ्तारी के लगभग नौ घंटे बाद उन्हें सेंगीपट्टी पुलिस थाने से रिहा कर दिया गया। उनकी रिहाई के बाद पुलिस थाने के बाहर बड़ी संख्या में मौजूद द्रमुक कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके समर्थन में नारे लगाए।
जानकारी के मुताबिक, उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार सुबह लगभग 11 बजे चेन्नई स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। इसके बाद उन्हें तंजावुर जिले के निकट स्थित सेंगीपट्टी पुलिस थाने लाया गया, जहां वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में उनसे पूछताछ की गई। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान दिए गए कथित विवादित बयान के संबंध में की गई। पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें मद्रास हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन के अनुरूप थाने से ही जमानत पर रिहा कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, शुरुआत में पुलिस की योजना उदयनिधि को तंजावुर ईस्ट टाउन थाने ले जाने की थी, लेकिन सुरक्षा कारणों और समर्थकों की भीड़ को देखते हुए रास्ते में कई बार बदलाव किया गया। जब यह सूचना फैली कि पुलिस वाहन सेंगीपट्टी में रुका है, तब वहां भी बड़ी संख्या में द्रमुक समर्थक पहुंच गए। समर्थकों ने उदयनिधि के पक्ष में नारेबाजी की और राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस वाहन से उतरते समय उदयनिधि ने हाथ हिलाकर अपने समर्थकों का अभिवादन किया और फिर पैदल पुलिस थाने के भीतर गए, जहां उनसे पूछताछ की गई।
पूरा विवाद सोमवार को तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित द्रमुक के प्रदर्शन से जुड़ा है। इस प्रदर्शन का नेतृत्व उदयनिधि स्टालिन ने किया था। प्रदर्शन के दौरान द्रमुक ने मांग की थी कि राज्य सरकार कर्नाटक की प्रस्तावित मेकेदातु जलाशय परियोजना को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए, किसानों के कर्ज पूरी तरह माफ करे और कावेरी डेल्टा क्षेत्र के प्रभावित जिलों को आधिकारिक रूप से सूखाग्रस्त घोषित करे।
इसी प्रदर्शन के दौरान उदयनिधि स्टालिन ने कावेरी जल विवाद को लेकर राज्य सरकार की कार्यशैली की आलोचना की। आरोप है कि भाषण के दौरान भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने अभिनेत्री तृषा कृष्णन का नाम लेकर नारे लगाए, जिसके बाद उदयनिधि ने कथित तौर पर द्विअर्थी टिप्पणी की। इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों ने इसकी आलोचना की, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
उदयनिधि की गिरफ्तारी को लेकर द्रमुक ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अहंकार में काम कर रही है और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। एमके स्टालिन ने बयान जारी कर कहा कि सत्ता का दुरुपयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और सरकार को विपक्षी नेताओं के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए। उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए सभी द्रमुक कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की भी मांग की।
उधर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कानून के दायरे में की जा रही है और सभी आवश्यक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल उदयनिधि स्टालिन को जमानत पर रिहा कर दिया गया है, लेकिन जांच जारी है। इस पूरे घटनाक्रम ने तमिलनाडु की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है और आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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