तमिलनाडू

थाने के बाहर समर्थकों का जमावड़ा, पूछताछ के बाद रिहा हुए उदयनिधि स्टालिन

Ratna Netam
4 Aug 2026 9:05 PM IST
थाने के बाहर समर्थकों का जमावड़ा, पूछताछ के बाद रिहा हुए उदयनिधि स्टालिन
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तमिलनाडु : राजनीति में मंगलवार को उस समय बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के वरिष्ठ नेता **उदयनिधि स्टालिन** को कथित आपत्तिजनक और द्विअर्थी टिप्पणी के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि गिरफ्तारी के कुछ घंटे बाद ही उनसे पूछताछ पूरी होने पर उन्हें थाने से जमानत पर रिहा कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और विपक्ष तथा सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार उदयनिधि स्टालिन को मंगलवार सुबह करीब 11 बजे चेन्नई स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। इसके बाद उन्हें तंजावुर जिले के निकट स्थित सेंगीपट्टी पुलिस थाने ले जाया गया, जहां वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में लगभग एक घंटे तक पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान अधिकारियों ने उनसे उस बयान के संबंध में जानकारी ली, जिसे लेकर विवाद खड़ा हुआ था।
बताया जा रहा है कि यह मामला कावेरी जल विवाद से जुड़े एक प्रदर्शन के दौरान दिए गए कथित बयान से जुड़ा है। आरोप है कि उस कार्यक्रम में उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और फिल्म अभिनेत्री तृषा को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। बयान सामने आने के बाद इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध शुरू हो गया, जिसके बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया।
हालांकि गिरफ्तारी के बाद मामला जल्द ही कानूनी प्रक्रिया में पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मद्रास हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन के अनुरूप पूछताछ पूरी होने के बाद उदयनिधि स्टालिन को थाने से ही जमानत पर रिहा कर दिया गया। उनकी गिरफ्तारी से लेकर रिहाई तक की पूरी प्रक्रिया लगभग नौ घंटे में पूरी हो गई।
जैसे ही उनकी रिहाई की खबर सामने आई, सेंगीपट्टी पुलिस थाने के बाहर बड़ी संख्या में डीएमके कार्यकर्ता एकत्र हो गए। पार्टी समर्थकों ने उदयनिधि स्टालिन का फूल-मालाओं और नारों के साथ स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए अपने नेता के समर्थन में नारे लगाए। वहीं पुलिस ने पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है जब तमिलनाडु में कई महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दों को लेकर माहौल पहले से ही गर्म है। कावेरी जल विवाद, क्षेत्रीय राजनीति और आगामी चुनावी रणनीतियों के बीच इस घटनाक्रम ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। विपक्ष इस मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठा सकता है, जबकि सत्तारूढ़ दल इसे कानून के तहत की गई सामान्य कार्रवाई बता रहा है।
उधर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत दर्ज किया गया है और जांच जारी रहेगी। यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल उदयनिधि स्टालिन को जमानत मिल चुकी है और उन्हें जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी विवादित बयान से जुड़े मामलों में पुलिस को शिकायत मिलने के बाद जांच करने और संबंधित व्यक्ति से पूछताछ करने का अधिकार होता है। ऐसे मामलों में अदालत के निर्देश और उपलब्ध साक्ष्य आगे की कार्रवाई तय करते हैं।
तमिलनाडु की राजनीति में प्रभावशाली नेता माने जाने वाले उदयनिधि स्टालिन पहले भी अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। इस बार भी उनकी गिरफ्तारी और फिर कुछ ही घंटों में जमानत पर रिहाई ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। अब सभी की नजर इस मामले की आगे की जांच और संभावित कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह मामला तमिलनाडु की राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना रह सकता है।
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