Sikkim: गवर्नर की फार्मा सेक्टर से अपील, राज्य की विकास प्राथमिकताओं से जोड़ें CSR
सिक्किम के गवर्नर ने फार्मा कंपनियों से CSR गतिविधियों को राज्य की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप करने का आग्रह किया
गंगटोक : सिक्किम के गवर्नर ने फार्मास्युटिकल सेक्टर से अपनी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) गतिविधियों को राज्य की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि उद्योगों की सामाजिक जिम्मेदारी को स्थानीय जरूरतों से जोड़कर राज्य के विकास को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
स्थानीय जरूरतों पर केंद्रित हो CSR
गवर्नर ने फार्मा कंपनियों से अपील की कि CSR के तहत किए जाने वाले कार्यों का चयन सिक्किम की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाए। इससे सामाजिक कल्याण की योजनाओं का सीधा लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंच सकता है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में मिल सकता है बड़ा फायदा
फार्मास्युटिकल कंपनियों की विशेषज्ञता को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को CSR गतिविधियों का प्रमुख क्षेत्र बनाया जा सकता है। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने, जागरूकता बढ़ाने और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने जैसी पहल उपयोगी साबित हो सकती हैं।
विकास प्राथमिकताओं के साथ हो तालमेल
गवर्नर ने इस बात पर जोर दिया कि CSR केवल औपचारिक गतिविधि न रहकर राज्य की दीर्घकालिक विकास योजनाओं से जुड़ना चाहिए। उद्योग और सरकार के बीच बेहतर समन्वय से शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और आजीविका जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
उद्योगों की भागीदारी जरूरी
सिक्किम जैसे पहाड़ी राज्य में विकास की अपनी अलग चुनौतियां हैं। ऐसे में निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता और संसाधनों का इस्तेमाल स्थानीय विकास को गति देने में मदद कर सकता है।