सुरक्षा समीक्षा में खुलासे: रेशी सुरंग के निरीक्षण में अधूरे मिले अहम काम
सिक्किम: रिलीफ कमिश्नर-सह-सेक्रेटरी (LR&DMD) मिंगमा टी. शेरपा की अगुवाई वाली टनल मॉनिटरिंग कमेटी ने रेशी रोड टनल का निरीक्षण किया और इसकी बनावट की स्थिति, सुरक्षा उपायों, रखरखाव और मरम्मत की ज़रूरतों का जायज़ा लिया।
निरीक्षण के दौरान, कमेटी ने ड्रेनेज (पानी की निकासी), पैदल चलने वालों की सुरक्षा और टनल की बनावट के रखरखाव से जुड़े अधूरे कामों की पहचान की। इन मुद्दों पर समय रहते ध्यान देने की ज़रूरत बताई गई ताकि टनल का इस्तेमाल करने वाले छात्रों, स्थानीय लोगों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
शेरपा ने नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (NHPC) से टनल में अपनाए जा रहे सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में सवाल किए और तय सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी ज़रूरी तकनीकी दस्तावेज़ अपने ऑफिस में जमा करने का निर्देश दिया और टनल की नियमित निगरानी के लिए एक सब-कमेटी बनाने का प्रस्ताव रखा।
सोरेन्ग के डिप्टी कमिश्नर धीरज सुबेदी ने उन अधूरे कामों का ज़िक्र किया जिनका सीधा असर यात्रियों और स्थानीय लोगों पर पड़ता है। उन्होंने ड्रेनेज सिस्टम को ठीक से पूरा करने और उसके रखरखाव की ज़रूरत पर ज़ोर दिया और टनल के अंदर पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित रास्ते की मांग की।
कमेटी ने टनल की बनावट की स्थिति का भी आकलन किया और इसके रखरखाव और मरम्मत की ज़रूरतों की समीक्षा की। सदस्यों ने NHPC के रंगित स्टेज IV हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट से सुरक्षा उपायों को मज़बूत करने और तय समय-सीमा के भीतर सभी अधूरे काम पूरे करने को कहा।
NHPC के DGM आर.एम. साहू ने टनल की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी दी और कमेटी को SH-22/NH510 के साथ बने डायवर्जन रोड टनल के बारे में बताया। उन्होंने मरम्मत और अपग्रेडेशन के कामों के लिए ज़रूरी सुधार के तरीकों, उपकरणों की ज़रूरतों और अनुमानित खर्च का भी ब्योरा दिया।
निरीक्षण के दौरान माइंस एंड जियोलॉजी डिपार्टमेंट, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ़ इंडिया, सिक्किम स्टेट डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (SSDMA) और ज़िला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद थे।