दार्जिलिंग: दार्जिलिंग प्रेस गिल्ड (DPG) ने रविवार को लेखक और पत्रकार विजय बंतावा को श्रद्धांजलि देने के लिए एक शोक सभा का आयोजन किया। DPG कार्यालय में आयोजित इस सभा की शुरुआत बंतावा की तस्वीर पर फूल चढ़ाकर हुई, जिसके बाद उनकी याद में कुछ पल का मौन रखा गया।
पत्रकार और लेखिका सबिता थापा ने बंतावा के जीवन और उपलब्धियों के बारे में बताते हुए कहा कि वे नेपाली अखबार 'हिमगिरी' के संपादक भी थे। उन्होंने नेपाली भाषा, साहित्य, संस्कृति और समाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
उन्होंने बताया कि 1985 से पत्रकारिता में सक्रिय बंतावा ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई थी। हालांकि वे कानूनी पेशे से भी जुड़े थे, लेकिन अंततः उन्होंने पत्रकारिता, साहित्य और समाज सेवा को ही अपने जीवन का मुख्य कार्य चुना।
थापा ने उन्हें एक बहुआयामी और रचनात्मक व्यक्तित्व बताया, जिनके साहित्यिक योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे और उनका मार्गदर्शन करेंगे।
वरिष्ठ पत्रकार संजय बिस्वास ने बंतावा के साथ अपनी संक्षिप्त मुलाकातों को याद करते हुए उन्हें 'कम बोलने वाले लेकिन बहुत काम करने वाले' व्यक्ति के रूप में वर्णित किया और उनके लेखन की अनूठी शैली पर प्रकाश डाला।
DPG के महासचिव बिनय शंकर ने घोषणा की कि बंतावा के साहित्यिक और पत्रकारिता कार्यों को गिल्ड की लाइब्रेरी में सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि सदस्य उनके जीवन और योगदान के बारे में जान सकें।
DPG के अध्यक्ष दीप गजमेर ने कहा कि पत्रकारिता और साहित्य में बंतावा के अथक योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
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