गेजिंग। सिक्किम के गेजिंग जिले के रिम्बी क्षेत्र में भूस्खलन से प्रभावित परिवारों के लिए राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। लगातार हो रही बारिश के बीच क्षेत्र में भूस्खलन की गतिविधियों ने कई परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई घरों के अंदर मलबा और पत्थर घुस जाने से लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। रविवार को मौसम में कुछ सुधार होने के बाद प्रभावित ग्रामीण अपने घरों तक पहुंचे और अंदर जमा मलबा तथा सामान बाहर निकालने का काम शुरू किया।

रिम्बी क्षेत्र में पिछले करीब डेढ़ महीने से भूस्खलन की गतिविधियां जारी रहने की बात सामने आई है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में जमीन खिसकने की घटनाएं होती रही हैं। शुक्रवार और शनिवार की रात स्थिति और गंभीर हो गई। पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर नीचे आने के कारण रिहायशी इलाकों में खतरा बढ़ गया। हालिया घटनाक्रम में कई मकानों के साथ सरकारी परिसरों को भी नुकसान पहुंचा है।

रविवार को मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने से प्रभावित लोगों को राहत मिली। ग्रामीण अपने घरों तक पहुंचे और वहां फंसे सामान को बाहर निकालने में जुट गए। कई घरों के अंदर मलबा भर जाने के कारण लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संस्थाओं के सदस्य प्रभावित परिवारों की मदद में जुटे हुए हैं। लोग मिलकर घरों से मलबा हटाने और उपयोगी सामान बाहर निकालने का काम कर रहे हैं।

स्थानीय निवासी और वन विभाग के कर्मचारी मन बहादुर लिम्बू ने रविवार को बताया कि वन विभाग के कर्मचारी भी राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भूस्खलन का असर पूरे गांव में पड़ा है और कई घरों से सामान निकालने का काम अभी जारी है। उनके मुताबिक मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने के कारण रविवार को घरों के भीतर फंसे सामान को बाहर निकालने का काम तेजी से किया जा सकता है।

भूस्खलन के कारण प्रभावित परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने घरों से जरूरी सामान सुरक्षित निकालना है। कई घरों में मलबा घुसने के कारण सामान तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। ग्रामीण सावधानी के साथ घरों में प्रवेश कर रहे हैं और मलबे के बीच से उपयोगी सामान बाहर निकाल रहे हैं। स्थानीय लोग भी इस काम में परिवारों की मदद कर रहे हैं।

रिम्बी क्षेत्र में भूस्खलन की गतिविधियां लंबे समय से जारी रहने के कारण लोगों में पहले से ही चिंता बनी हुई थी। लगातार बारिश के बीच पहाड़ी से मिट्टी और पत्थर नीचे आने का सिलसिला क्षेत्र के लिए खतरा बना हुआ है। शुक्रवार और शनिवार की रात स्थिति बिगड़ने के बाद रिहायशी इलाकों में रहने वाले परिवारों की परेशानी और बढ़ गई।

हालिया भूस्खलन में कई मकानों और सरकारी परिसरों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। मलबा घरों के अंदर तक पहुंचने के कारण लोगों को अपने सामान को बचाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ रही है। कई जगहों पर रास्तों और आसपास के हिस्सों में भी मलबा जमा होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

रविवार को मौसम में सुधार के बाद राहत कार्य को गति मिली। बारिश कम होने से ग्रामीण अपने घरों तक पहुंच सके। स्थानीय लोग प्रभावित परिवारों के साथ मिलकर मलबा हटाने और घरों के भीतर फंसे सामान को बाहर निकालने में जुट गए। सामाजिक संस्थाओं के सदस्य भी इस काम में सहयोग कर रहे हैं।

वन विभाग के कर्मचारियों की भागीदारी से भी राहत कार्य में मदद मिल रही है। मन बहादुर लिम्बू के अनुसार वन विभाग के कर्मचारी प्रभावित इलाकों में लोगों की सहायता कर रहे हैं। भूस्खलन से प्रभावित घरों में फंसे सामान को निकालने के लिए स्थानीय स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

रिम्बी क्षेत्र के लोगों के मुताबिक भूस्खलन की समस्या अचानक शुरू नहीं हुई है। करीब डेढ़ महीने से पहाड़ी में गतिविधियां देखी जा रही हैं। लगातार बारिश ने जमीन को कमजोर किया, जिसके बाद अलग-अलग स्थानों पर मलबा नीचे आने की घटनाएं होती रहीं। शुक्रवार और शनिवार की रात इन गतिविधियों में तेजी आने के बाद खतरा और बढ़ गया।

स्थानीय लोगों के लिए मौसम में सुधार फिलहाल राहत की बात है। बारिश रुकने से घरों के भीतर पहुंचना और मलबा हटाना आसान हुआ है। हालांकि पहाड़ी क्षेत्र में भूस्खलन की गतिविधियां लंबे समय से जारी होने के कारण लोगों की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ग्रामीणों को आगे भी मौसम पर नजर रखनी पड़ रही है।

प्रभावित परिवारों के घरों से सामान निकालने के साथ-साथ आसपास जमा मलबे को हटाने का काम भी किया जा रहा है। स्थानीय लोग एक-दूसरे की मदद कर रहे हैं। सामाजिक संस्थाएं भी राहत कार्य में शामिल हैं। वन विभाग के कर्मचारी भी अपनी ओर से सहयोग कर रहे हैं। इस सामूहिक प्रयास से प्रभावित परिवारों को अपने घरों से जरूरी सामान सुरक्षित निकालने में मदद मिल रही है।

भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्र में सरकारी परिसरों को नुकसान पहुंचने की जानकारी भी सामने आई है। इससे क्षेत्र में नुकसान का दायरा बढ़ गया है। हालांकि फिलहाल राहत कार्य का मुख्य फोकस प्रभावित परिवारों के घरों से मलबा हटाने और सामान बाहर निकालने पर है।

रिम्बी में लगातार भूस्खलन की गतिविधियों ने पहाड़ी इलाकों में रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश के दौरान मलबा और पत्थर नीचे आने से रिहायशी क्षेत्रों में खतरा पैदा हो रहा है। ऐसे में मौसम में सुधार के दौरान राहत और बचाव कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है।

फिलहाल रविवार को मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने के कारण प्रभावित ग्रामीणों को राहत मिली है। लोग अपने घरों में पहुंचकर मलबा हटाने और सामान निकालने में जुटे हैं। वन विभाग के कर्मचारी, स्थानीय निवासी और सामाजिक संस्थाएं मिलकर प्रभावित परिवारों की मदद कर रहे हैं। रिम्बी क्षेत्र में भूस्खलन से हुए नुकसान के बाद राहत कार्य लगातार जारी है और लोगों की नजर आगे के मौसम पर बनी हुई है।

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