GTA और हिल नगरपालिकाओं में कथित गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की मांग
GTA भ्रष्टाचार जांच
कोलकाता: पहाड़ी क्षेत्र की राजनीति में एक बार फिर भ्रष्टाचार का मुद्दा गर्मा गया है। हिल नेता एडवर्ड्स ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (GTA) और पहाड़ी नगरपालिकाओं में कथित भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन संस्थाओं में वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक खामियों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
एडवर्ड्स ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी मांग रखते हुए कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों के विकास के लिए मिलने वाली सरकारी राशि का सही इस्तेमाल होना जरूरी है। उन्होंने मांग की कि GTA और हिल म्युनिसिपैलिटीज में हुए कामों, फंड के उपयोग और योजनाओं की स्वतंत्र जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
विकास कार्यों में पारदर्शिता की मांग
एडवर्ड्स का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए बड़ी मात्रा में सरकारी धन जारी किया जाता है। लेकिन अगर इन पैसों के इस्तेमाल में पारदर्शिता नहीं होगी तो इसका सीधा नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ेगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सभी प्रमुख परियोजनाओं और वित्तीय लेनदेन का ऑडिट कराया जाए और यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो।
GTA पर पहले भी उठते रहे हैं सवाल
गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (GTA) लंबे समय से दार्जिलिंग और आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों के प्रशासन से जुड़ी प्रमुख संस्था रही है। समय-समय पर इसके कामकाज और फंड के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक दल सवाल उठाते रहे हैं।
विपक्षी नेताओं का आरोप रहा है कि विकास योजनाओं के बावजूद जमीनी स्तर पर लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया है। वहीं GTA से जुड़े अधिकारी कई बार इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं।
मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद बढ़ी उम्मीदें
एडवर्ड्स और मुख्यमंत्री के बीच हुई मुलाकात को पहाड़ी राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार उनकी जांच की मांग पर क्या कदम उठाती है।
यदि जांच शुरू होती है तो GTA और नगरपालिकाओं के पुराने कार्यों, टेंडर प्रक्रिया और सरकारी योजनाओं की समीक्षा की जा सकती है।
जनता के हित में कार्रवाई की मांग
एडवर्ड्स ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों में बेहतर प्रशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर रोक लगने से ही विकास योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंच पाएगा।