सिक्किम: मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने रविवार, 11 अक्टूबर को जोरथांग के पास 'चिरबिरे रिवर फेस्ट' के दौरान रंगीत नदी में 'चॉकलेट महाशीर' मछली छोड़ी। इस दौरान उन्होंने स्थानीय मछली प्रजातियों को बचाने और राज्य की जलीय जैव-विविधता की सुरक्षा की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
तमांग ने फेस्टिवल के दूसरे दिन मछली छोड़ने के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर नदी के किनारे बने फिश रैंचिंग साइट पर उनके साथ मंत्री, विधायक और अधिकारी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का मकसद मीठे पानी के संसाधनों और नदी के इकोसिस्टम के संरक्षण को बढ़ावा देना है।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि 'चिरबिरे रिवर फेस्ट' सिक्किम की प्राकृतिक सुंदरता, रोमांच की भावना और यहां के समुदायों की सांस्कृतिक पहचान का जश्न मनाता है। उन्होंने कहा कि यह फेस्टिवल स्थानीय परंपराओं, पर्यटन और नदियों व राज्य की प्राकृतिक विरासत पर केंद्रित गतिविधियों के ज़रिए लोगों को एक साथ लाता है।
तमांग ने मछली पालन और एक्वाकल्चर में सिक्किम के मीठे पानी के संसाधनों की क्षमता पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि सही हाइब्रिड मछली की किस्में स्थानीय आजीविका, खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ मछली पालन में योगदान दे सकती हैं।
उन्होंने कहा, "हाइब्रिड मछली की किस्मों, खासकर हाइब्रिड महाशीर और अन्य बेहतर मछली प्रजातियों (जहां उपयुक्त हो) को लाने और विकसित करने से स्थानीय आजीविका, खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ मछली पालन में मदद मिल सकती है।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फेस्टिवल का मकसद कम मशहूर पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देना, स्थानीय समुदायों की मदद करना और ज़िम्मेदार पर्यटन को प्रोत्साहित करना भी है।
यह कार्यक्रम नदी से जुड़ी गतिविधियों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पर्यटन पहलों के साथ जोड़ता है, साथ ही राज्य के प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की ओर भी ध्यान आकर्षित करता है।