सिक्किम : हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण यानी AAI ने राज्य के रांका, मारटम और सादम में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स के लिए प्री-फिजिबिलिटी स्टडी शुरू की है। इस अध्ययन के जरिए इन तीनों स्थानों पर हवाई अड्डे के निर्माण की संभावनाओं का प्रारंभिक आकलन किया जाएगा।
प्रस्तावित प्री-फिजिबिलिटी स्टडी का उद्देश्य यह समझना है कि संबंधित स्थानों पर एयरपोर्ट विकसित करने के लिए आवश्यक परिस्थितियां मौजूद हैं या नहीं। इसके तहत विभिन्न तकनीकी और भौगोलिक पहलुओं का प्रारंभिक स्तर पर अध्ययन किया जाएगा। अध्ययन के निष्कर्ष के आधार पर आगे की प्रक्रिया को लेकर निर्णय लिया जा सकता है।
रांका, मारटम और सादम में प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजनाएं सिक्किम के विमानन ढांचे के विस्तार से जुड़ी हैं। राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए नए हवाई अड्डों की संभावनाओं का आकलन करना चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण दोनों माना जाता है। ऐसे में किसी बड़े निर्माण कार्य से पहले विस्तृत तकनीकी अध्ययन की आवश्यकता होती है।
प्री-फिजिबिलिटी स्टडी के दौरान संभावित स्थलों की उपयुक्तता, पहुंच, आसपास के क्षेत्र और एयरपोर्ट विकास के लिए जरूरी आधारभूत परिस्थितियों का आकलन किया जा सकता है। इसके अलावा भविष्य में यात्रियों और हवाई सेवाओं की संभावित जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भी प्रारंभिक समीक्षा की जा सकती है।
AAI की ओर से यह अध्ययन शुरू किए जाने से सिक्किम में नए एयरपोर्ट्स की योजना को लेकर आगे की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद है। हालांकि अभी यह शुरुआती चरण है और केवल प्री-फिजिबिलिटी स्टडी शुरू होने से एयरपोर्ट निर्माण की अंतिम मंजूरी तय नहीं मानी जा सकती। अध्ययन पूरा होने के बाद ही परियोजनाओं की व्यावहारिकता को लेकर अधिक स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
सिक्किम के लिए हवाई संपर्क पर्यटन, व्यापार और आवाजाही के लिहाज से महत्वपूर्ण है। राज्य में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं और बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से यात्रियों के लिए आने-जाने के विकल्प बढ़ सकते हैं। नए एयरपोर्ट्स की संभावनाओं का अध्ययन इसी व्यापक जरूरत के संदर्भ में देखा जा सकता है।
प्रस्तावित तीन स्थानों में एयरपोर्ट निर्माण की संभावनाओं का आकलन करने के बाद यदि परियोजनाएं व्यवहारिक पाई जाती हैं, तो आगे विस्तृत अध्ययन और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू की जा सकती हैं। इनमें भूमि, तकनीकी आवश्यकताओं, पर्यावरणीय पहलुओं और अन्य प्रशासनिक मंजूरियों से जुड़े विषय शामिल हो सकते हैं।
फिलहाल AAI का फोकस रांका, मारटम और सादम में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स की प्रारंभिक व्यवहार्यता समझने पर है। प्री-फिजिबिलिटी स्टडी के परिणाम आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इनमें से किन स्थानों पर आगे एयरपोर्ट विकास की प्रक्रिया बढ़ाई जा सकती है।
यह पहल सिक्किम के विमानन नेटवर्क को संभावित रूप से विस्तार देने की दिशा में शुरुआती कदम है। अब अध्ययन की रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाले अगले फैसलों पर नजर रहेगी।
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