राजस्थान के बूंदी जिले के लाखेरी उपखण्ड खेड़ली देवजी निवासी युवक ने आधी रात घर के आंगन में लगे पेड़ पर फंदा लगा झुल गया, जिससे उसकी मौत हो गई. युवक चार बार पहले भी मरने का प्रयास कर चुका था. आज आत्महत्या के बाद परिजनों में कोहराम मच गया.

बार-बार जीवन समाप्त करने का प्रयास करने वाला युवक सोमवार की रात घर के आंगन में लगे पेड़ पर फंदा लगाकर लटक गया. परिजनों को जब तक पता चलता उसका दम टुट चुका था. खेडली देवजी निवासी सुराश मीणा (30 ) साल पहले भी मरने के प्रयास कर चुका था. वह छोटी-छोटी बातों को लेकर मरने की धमकी देता था और ऐसा कूछ उलटा करता जिससे परिजन परेशान हो उठते. सुरेश ने इससे पहले दो बार कीटनाशक पी लिया था, लेकिन कीट नाशक की मात्रा कम होने और प्रभावकारी नहीं होने से बच गया था. कूछ दिनों बाद वह खुद के मरने की अफवाह फैलाकर घर से बिना बताए लापता हो गया था.
जब मामला पुलिस तक पहुंचा तो पुरा खेल उजागर हुआ. हाल ही में दो महीने पहले सुरेश गांव के पास स्थित मेज नदी किनारे चप्पले छोड़ गया. नदी मे डुबने की आशंका के चलते पुलिस की काफी परेड हुई थी. इसकी तलाश में बुंदी से आई रेस्क्यू टीम ने 24 घंटे तक नदी में तलाशी ली. बाद में उसके अन्य जगह होने की बात पता चली तब कहीं जाकर रेस्क्यू टीम और पुलिस को चैन आया. सोमवार रात को वह नशे में पत्नी से झगड़ा कर रहा था. इसी दौरान वह पत्नी को मारने दौड़ा. पत्नी जेसे तैसे अपने आप को बचाते हुए करीब ही रिश्तेदार के यहां चली गयी.
इस दौरान वह मरने के प्रयास में आंगन में लगे पेड़ पर केबल का फंदा लगाकर बाल्टी नीचे रखकर लटक गया. इसकी जानकारी पड़ौसी को उस समय लगी जब वे घर के करीब से निकले रहे थे. पहले तो ग्रामीणों को लगा कि वह पेड़ के नीचे खड़ा है. जब अन्य लोगों को बुलाकर देखा तो वह फंदे पर लटका मिला. पास ही बाल्टी गिरी हुई थी. ग्रामीण कुछ मदद करते उससे पहले उसका दम टुट चुका था. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे मे लेकर मोर्चरी में रखवाया. शव का मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया. सुरेश तीन बच्चों का पिता था. वह परिवार से अलग ही रहता था.
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