भक्ति और भाई-बहन के प्रेम से सजे मंदिर, राखियों से सजा भगवान का दरबार

Bhilwara, भीलवाड़ा । भाई-बहन के प्रेम के पर्व रक्षाबंधन की खुशियां मंदिरों तक भी पहुंचीं। शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान को रंग-बिरंगी राखियां अर्पित कर विशेष श्रृंगार किया गया। सजे-धजे विग्रहों के दर्शन के लिए श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। आकर्षक राखियों, फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से सजे मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। भगवान के श्रृंगार के दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही और मंदिर परिसर जयकारों से गूंजते रहे। शहर के चारभुजानाथ बडा मंदिर में ठाकुरजी का आकर्षक श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर चारभुजा नाथ को चांदी एवं रत्न जड़ित विशेष पोशाक धारण करवाई गई। सुंदर आभूषणों और मनमोहक श्रृंगार से सजे भगवान चारभुजा नाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। पुजारी विकास पाराशर एवं मनीष पाराशर ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर भगवान चारभुजा नाथ को विशेष रूप से ‘सेठ जी’ का स्वरूप प्रदान किया गया। चांदी और रत्न जड़ित पोशाक में सजे ठाकुरजी की मनमोहक झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। मंदिर में दिनभर भक्तों की आवाजाही रही और श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। वही दादाबाड़ी क्षेत्र में स्थित पंचमुखी मोक्षधाम में श्री मसानिया भैरुनाथ मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला।

रक्षाबंधन के अवसर पर बाबा मसानिया भैरुनाथ का रंग-बिरंगी राखियों से विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर परिसर में बाबा का आकर्षक श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। मंदिर के पुजारी संतोष कुमार खटिक ने बताया कि बाबा के विशेष श्रृंगार के लिए कोलकत्ता, जयपुर, सूरत और अहमदाबाद से विशेष रूप से राखियां मंगवाई गई थीं। विभिन्न रंगों और डिजाइनों की राखियों से बाबा का भव्य श्रृंगार किया गया। रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती की गई। तथा श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर ट्रस्ट की ओर से भोपालगंज स्थित प्राचीन श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में भगवान का अलौकिक एवं भव्य श्रृंगार किया गया। ट्रस्टी ओम प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि इस अवसर पर प्रभु के मनमोहक रूप के दर्शन के लिए दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भगवान श्री लक्ष्मी नारायणजी को अत्यंत कलात्मक और मनमोहक पोशाक धारण कराई गई है। दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं ने प्रभु के इस अलौकिक रूप की भूरि-भूरि प्रशंसा की। सांगानेर स्थित ’श्री सिंदरी के बालाजी महाराज’ का विशेष एवं मनोहारी श्रृंगार किया गया। मुख्य पुजारी गोपाल लाल पारीक ने बताया’ कि बालाजी महाराज को आकर्षक एवं रंग-बिरंगे वस्त्रों से सुशोभित कर भव्य मुकुट, आभूषण एवं विविध श्रृंगार धारण करवाया गया। मंदिर परिसर में विशेष पुष्प सज्जा भी की गई, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। ’श्रृंगारकर्ता क्षितिज पारीक’ द्वारा बालाजी महाराज का यह मनोहारी श्रृंगार किया गया। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर भगवान को राखियां अर्पित कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की गई। विशेष श्रृंगार के बाद मंदिरों में पूजा-अर्चना, आरती और प्रसाद वितरण के आयोजन भी हुए। श्रद्धालुओं ने भगवान के मनोहारी स्वरूप के दर्शन कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।

Tags: