कोटा। राजस्थान के कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बिहार के एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। दरभंगा निवासी 19 वर्षीय गौतम कुमार नीट (NEET) की तैयारी कर रहा था। वह कोटा में एक हॉस्टल में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा था। पुलिस के अनुसार, छात्र हॉस्टल के बाथरूम में बेहोशी की हालत में मिला था। उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की जांच जारी है।
दो साल से कोटा में रहकर कर रहा था तैयारी
जानकारी के मुताबिक, गौतम कुमार बिहार के दरभंगा जिले का रहने वाला था और करीब दो साल से कोटा में रह रहा था। वह मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा था। पुलिस के अनुसार, छात्र इस परीक्षा के लिए दो बार प्रयास कर चुका था।घटना कोटा के कुन्हाड़ी थाना क्षेत्र के लैंडमार्क इलाके में स्थित हॉस्टल की बताई जा रही है। छात्र के कमरे से संपर्क नहीं होने पर हॉस्टल में मौजूद लोगों को चिंता हुई। इसके बाद दरवाजा खोला गया तो वह बाथरूम में बेहोश मिला। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी जान नहीं बच सकी।
मौत की परिस्थितियों पर परिजनों ने जताया संदेह
छात्र की मौत के बाद परिजनों ने घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाए हैं। परिवार का कहना है कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गौतम के साथ आखिर क्या हुआ था। उन्होंने आशंका जताई कि छात्र बाथरूम में गिरा होगा, गलती से किसी जहरीले पदार्थ के संपर्क में आया होगा या फिर घटना के पीछे कोई अन्य कारण हो सकता है। हालांकि, इन आशंकाओं की अभी पुष्टि नहीं हुई है।मृतक के चचेरे भाई अखिलेश ने मीडिया से बातचीत में कहा कि परिवार को घटना की पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने हॉस्टल और कोचिंग संस्थान की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए। परिवार के मुताबिक, गौतम पढ़ाई में अच्छा था और उसे पढ़ाई को लेकर किसी बड़े तनाव की जानकारी नहीं थी।
हॉस्टल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि छात्र की अनुपस्थिति पर समय रहते ध्यान दिया जाना चाहिए था। परिवार का दावा है कि हॉस्टल में दिन में चार बार भोजन दिया जाता था, लेकिन छात्र की स्थिति को लेकर किसी ने समय पर जानकारी नहीं ली।परिवार के अनुसार, घटना का पता तब चला जब उन्होंने पास के हॉस्टल में रहने वाले एक अन्य रिश्तेदार से गौतम का हालचाल लेने को कहा। इसके बाद छात्र की स्थिति सामने आई और उसे अस्पताल पहुंचाया गया।परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए हॉस्टल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, हॉस्टल प्रबंधन की कथित लापरवाही की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आएंगे अहम तथ्य
पुलिस के मुताबिक, फिलहाल छात्र की मौत के वास्तविक कारणों का निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत की परिस्थितियों का पता लगाया जाएगा। जांच अधिकारी परिवार के आरोपों और उपलब्ध तथ्यों की भी पड़ताल कर रहे हैं।इस घटना ने कोटा में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा और हॉस्टल प्रबंधन की जिम्मेदारी को लेकर फिर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, किसी भी पक्ष को दोषी ठहराने से पहले जांच के निष्कर्षों का इंतजार करना जरूरी है।
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