किताब से निकलकर मशीनों तक पहुंचे विद्यार्थी, जानी वस्त्र उद्योग की बारीकियां, देखा कपड़ा बनने का पूरा सफर
भीलवाड़ा । वस्त्रनगरी भीलवाड़ा के औद्योगिक स्वरूप और तकनीकी कार्यप्रणाली से विद्यार्थियों को रूबरू कराने के उद्देश्य एवं शिक्षा के साथ रोजगार की राह दिखाने की पहल के तहत सुख सागर सिंथेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड (सत्कार समूह) ने राजेंद्र मार्ग राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के कक्षा 9 व 10 के 63 विद्यार्थियों को वस्त्र उद्योग की तकनीकी बारीकियों से रूबरू कराया। औद्योगिक शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने वस्त्र उद्योग में धागे से लेकर कपड़ा तैयार होने तक की विभिन्न प्रक्रियाओं को नजदीक से देखा और उनकी तकनीकी बारीकियों को समझा। सत्कार समूह ने प्रशिक्षित एवं इच्छुक विद्यार्थियों को भविष्य में अपने वीविंग विभाग में रोजगार के लिए प्राथमिकता के आधार पर अवसर देने की पहल भी की। उद्योग के मालिक एवं प्रसिद्ध समाजसेवी गोविन्द सोड़ानी ने विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने उद्योग की कार्यप्रणाली और वस्त्र निर्माण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को औद्योगिक क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान के महत्व से अवगत कराया। विद्यार्थियों को प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान का संदेश देते हुए प्रतीक चिह्न के रूप में कलम एवं कपड़े के बैग भेंट किए गए। इस दौरान विद्यार्थियों के लिए अल्पाहार की भी व्यवस्था की गई। औद्योगिक भ्रमण के दौरान रतन सोड़ानी, रतन आगाल एवं मनोज जागेटिया ने विद्यार्थियों को उद्योग की कार्यप्रणाली की सूक्ष्म जानकारी दी। विद्यार्थियों ने वीविंग यानी बुनाई, धागा डबलिंग, वार्पिंग तथा शूटिंग निर्माण सहित वस्त्र उत्पादन से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। विद्यार्थियों ने वीविंग मशीनों के संचालन, धागे की तैयारी तथा उत्पादन के दौरान अपनाई जाने वाली तकनीकी प्रक्रियाओं को समझा। मशीनों के माध्यम से किस प्रकार धागों को व्यवस्थित कर कपड़े का स्वरूप दिया जाता है, इसकी जानकारी भी विद्यार्थियों को मौके पर दी गई।
इससे विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम में पढ़ाई जाने वाली व्यावसायिक एवं तकनीकी जानकारियों को वास्तविक औद्योगिक वातावरण से जोड़ने का अवसर मिला। प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह गहलोत के नेतृत्व में आयोजित इस भ्रमण में प्राध्यापक रेखा शर्मा, व्यावसायिक प्रशिक्षक आशीष सोनी, हेमन्त पाटीदार एवं विक्रम कुमार चौधरी ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। शिक्षकों ने बताया कि इस प्रकार के औद्योगिक भ्रमण से विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रहने के बजाय वास्तविक कार्यस्थल की परिस्थितियों और तकनीकी प्रक्रियाओं को समझने का अवसर मिलता है। भ्रमण के आधार पर विद्यार्थियों के लिए एक व्यावहारिक रिपोर्ट भी तैयार की गई है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को वस्त्र उद्योग में उपलब्ध तकनीकी एवं रोजगारपरक अवसरों की जानकारी देना है, ताकि शिक्षा पूरी करने के बाद वे अपनी रुचि और कौशल के अनुरूप बेहतर करियर का चयन कर सकें। औद्योगिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को वस्त्र उद्योग में रोजगार की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। व्यावसायिक शिक्षा एवं तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वीविंग तथा अन्य संबंधित क्षेत्रों में कार्य करने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए उद्योग में रोजगार के अवसर उपलब्ध होने की जानकारी दी गई। सुख सागर सिंथेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड (सत्कार समूह) की ओर से भी ऐसे प्रशिक्षित एवं इच्छुक विद्यार्थियों को भविष्य में अपने वीविंग विभाग में कार्य एवं सेवा के लिए प्राथमिकता के आधार पर अवसर उपलब्ध कराने की बात कही गई। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ कौशल विकास और रोजगार के बीच संबंध समझने का अवसर मिला। औद्योगिक भ्रमण के समापन पर विद्यार्थियों ने वस्त्र निर्माण की विभिन्न प्रक्रियाओं को नजदीक से समझने को अपने लिए उपयोगी और ज्ञानवर्धक अनुभव बताया। विद्यालय की ओर से उद्योग प्रबंधन का विद्यार्थियों को औद्योगिक एवं व्यावसायिक क्षेत्र की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए आभार व्यक्त किया गया।