Sri Ganganagar: वंदे गंगा, जल संरक्षण-जन अभियान में आत्मा योजनान्तर्गत किसान गोष्ठी का आयोजन
Sri Ganganagar श्रीगंगानगर । वंदे गंगा, जल संरक्षण-जन अभियान में आत्मा योजना अन्तर्गत गांव 6 आरबी (जलौकी) पंचायत समिति पदमपुर में एक दिवसीय खरीफ किसान गोष्ठी का आयोजन गुरूवार को किया गया।
किसान गोष्ठी में परियोजना निदेशक (आत्मा) डॉ. विनोद सिंह गौतम ने आत्मा योजनाओं व कपास, मूंग, ग्वार व खरीफ फसलों के रोग, उनकी रोकथाम व प्रबन्धन के बारे में किसानों को विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उप परियोजना निदेशक (आत्मा) श्री सुदेश कुमार ने प्राकृतिक खेती व जैविक खेती में जीवामृत, बीजामृत, दशपर्णी, नीमास्त्र का महत्व प्राकृतिक खेती में बताया। उन्होंने आत्मा योजना अन्तर्गत किसान हित के लिए आत्मा द्वारा चलाई गई योजनाएं कृषक प्रशिक्षण, कृषक भ्रमण, कृषक पुरस्कार, किसान मेला इत्यादि में कृषक भाग लेकर नये नवाचार को अपनाकर कृषि उत्पादन में वृद्धि करने व आय बढ़ाने की सलाह दी। साथ ही यह बताया कि कृषक जैविक, नवाचार, उद्यानिकी, पशुपालन में उत्कृष्ट कार्य कर जिला एवं ब्लॉक स्तर पर चयनित होकर क्रमशः 25000 रूपये एवं 10000 रूपये पुरस्कार स्वरूप प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों को जल के महत्व व उसका संरक्षण कृषि में डिग्गी, फव्वारा व ड्रिप का उपयोग कर कृषि उत्पादन में वृद्धि व आय बढ़ाने की सलाह दी।
सेवानिवृत सहायक कृषि अधिकारी श्री सोहन लाल शर्मा ने वंदे गंगा, जल संरक्षण-जन अभियान में जल संरक्षण व पौधारोपण का महत्व बताया तथा नींबूवर्गीय विभिन्न फसलों में लगने वाले रोगों एवं उनके निदान के बारे में विस्तृत से जानकारी दी। गजसिंहपुर के सहायक कृषि अधिकारी श्री श्योप्रकाश वर्मा ने कृषि विभाग की योजनाओं के बारे में किसानों को विस्तारपूर्वक जानकारी दी। श्री जगदीश गोदारा सेवानिवृत सहायक कृषि अधिकारी ने बताया कि कपास की फसल फूल अवस्था में आने पर, निरीक्षण कर नीम बेस्ड ऑयल व अन्य बताये गये कीटनाश्कों का छिड़काव अवश्यक रूप से करें। गुलाबी सुण्डी की निगरानी के लिए खेत में प्रति हैक्टर 5 फैरोमेन ट्रेप अवश्य लगायें तथा उनका प्रतिदिन निरीक्षण करें एवं विभागीय सिफारिश अनुसार जैविक कीटनाशक व रसायनों का छिड़काव अवश्य करें। श्री बसंत सिंह सहायक कृषि अधिकारी ने बताया कि अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें, जिससे कि पर्यावरण को बचाया जा सके व जल संरक्षण किया जा सके। वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक रोशनी मीणा ने जून माह में होने वाली शस्य क्रियाओं के बारे में बताया