बांग्लादेश से आता है असली नोट के बदले नकली नोट
पैसा 1 लाख असली नोट के बदले देते है 5 लाख के नकली नोट
Jaipur. जयपुर। राजस्थान में निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच जयपुर पुलिस ने नकली नोटों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान 4 लाख 30 हजार 500 रुपये की नकली करेंसी बरामद कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बरामद सभी नोट 500-500 रुपये के हैं। पुलिस के अनुसार कुल 861 जाली नोट जब्त किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नकली नोटों का यह नेटवर्क केवल जयपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़े हुए हैं। पुलिस को शक है कि नकली करेंसी की सप्लाई बांग्लादेश की राजधानी ढाका से शुरू होकर कोलकाता, फिर हरियाणा होते हुए जयपुर तक पहुंच रही थी। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब सीएसटी टीम को सूचना मिली कि जयपुर में नकली नोटों की खेप पहुंचने वाली है। सूचना के आधार पर सीएसटी और बजाज नगर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नाकाबंदी की। इस दौरान दो लग्जरी वाहनों को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें नकली नोटों की बड़ी खेप बरामद हुई। पुलिस ने मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंशुल, प्रियांशु, आकाश और साहिल चौधरी के रूप में हुई है। इनमें तीन आरोपी हरियाणा के रोहतक जिले के रहने वाले हैं, जबकि साहिल चौधरी सीकर जिले के फतेहपुर का निवासी है और वर्तमान में जयपुर में रह रहा था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर जैसे लग्जरी वाहन भी जब्त किए हैं। अब पुलिस इन वाहनों और आरोपियों के संपर्कों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नकली नोटों की सप्लाई में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
एक लाख असली के बदले पांच लाख नकली नोट
पूछताछ में पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। आरोपियों ने बताया कि इस नेटवर्क में एक लाख रुपये की असली करेंसी के बदले करीब पांच लाख रुपये के नकली नोट दिए जाते थे। यानी जालसाज कम समय में बड़ी मात्रा में नकली पैसा बाजार में उतारने की तैयारी में थे। जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क में डिजिटल लेनदेन के लिए USDT जैसे माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस अब डिजिटल ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटाकर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
मुख्य सरगना अमन राणा की तलाश
पुलिस पूछताछ के आधार पर रोहतक निवासी अमन राणा को इस मामले में नामजद किया गया है। पुलिस का कहना है कि अमन राणा इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक हो सकता है। उसके खिलाफ पहले से भी कई मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल पुलिस अमन राणा की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद नकली नोटों की सप्लाई चेन से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
चुनाव से पहले बढ़ी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
निकाय चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने के बीच जयपुर में नकली नोटों की इतनी बड़ी खेप पकड़े जाने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि बरामद नकली नोट चुनाव में इस्तेमाल किए जाने थे या नहीं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जयपुर में यह नकली करेंसी किसे पहुंचाई जानी थी, इसके पीछे कौन लोग हैं और इस नेटवर्क की आखिरी कड़ी कहां तक जुड़ी हुई है। ढाका से कोलकाता, कोलकाता से हरियाणा और फिर हरियाणा से जयपुर तक फैले इस नकली नोट नेटवर्क ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चार आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और लाखों रुपये की जाली करेंसी बरामद की जा चुकी है, लेकिन इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड तक पहुंचना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।