छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का आदेश, हर थाने में चालू रहें CCTV कैमरे

Shantanu Roy
23 Aug 2026 3:06 PM IST
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का आदेश, हर थाने में चालू रहें CCTV कैमरे
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Bilaspur. बिलासपुर। थानों में सीसीटीवी व्यवस्था को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि पुलिस थानों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे सिर्फ दिखावे की व्यवस्था नहीं हैं, बल्कि यह पुलिस कार्रवाई में पारदर्शिता बनाए रखने और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा का अहम साधन हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सभी कैमरे हर समय चालू स्थिति में रहने चाहिए और रिकॉर्ड किए गए फुटेज को तय समय तक सुरक्षित रखना अनिवार्य है।
यह मामला गौरेला थाना क्षेत्र में एनडीपीएस एक्ट से जुड़े एक प्रकरण से सामने आया। इस मामले में आरोपियों की ओर से हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की गई थीं। सुनवाई के दौरान सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। अदालत ने माना कि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण ट्रायल कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं बनता। इसके बाद चारों आरोपियों की ओर से दायर याचिकाओं को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से मुख्य सचिव ने अदालत को जानकारी दी कि प्रदेश के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरों और उससे जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगभग 102 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत प्रदेश के करीब 550 पुलिस थानों में आधुनिक सीसीटीवी व्यवस्था विकसित की जाएगी। सरकार ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत सभी थानों में कैमरों की गुणवत्ता, रिकॉर्डिंग सिस्टम और स्टोरेज क्षमता को बेहतर बनाया जाएगा। साथ ही सीसीटीवी फुटेज को 18 महीने तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाएगी। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद फुटेज स्वतः डिलीट होने का सिस्टम लागू किया जाएगा।
हाईकोर्ट ने कहा कि किसी भी आपराधिक मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकते हैं। ऐसे में फुटेज का सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है। यदि किसी थाने में कैमरे खराब पाए जाते हैं या रिकॉर्डिंग सुरक्षित नहीं रहती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
अदालत ने यह भी कहा कि सीसीटीवी कैमरे केवल थानों के प्रवेश द्वार तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि पुलिस थाने के महत्वपूर्ण हिस्सों में उनकी निगरानी व्यवस्था प्रभावी होनी चाहिए। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली में जवाबदेही बढ़ेगी और किसी भी तरह की शिकायत या विवाद की स्थिति में वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सकेगा।
मामले में आरोपियों के मोबाइल नंबरों से जुड़े कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड में मौजूद हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी इन दस्तावेजों का इस्तेमाल अपने बचाव में कर सकते हैं। अदालत ने साफ किया कि जांच और न्यायिक प्रक्रिया में उपलब्ध सभी वैध साक्ष्यों को उचित महत्व दिया जाना चाहिए। हाईकोर्ट के इस निर्देश के बाद राज्य में पुलिस थानों की सीसीटीवी व्यवस्था को लेकर जवाबदेही और बढ़ गई है। कोर्ट ने दोहराया कि कैमरों का लगातार चालू रहना और फुटेज का सुरक्षित संरक्षण नागरिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
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