Jhunjhunu: स्मार्ट मीटर के विरोध में व्यापक हड़ताल
"झुंझुनू में रुक गया व्यापार"
झुंझुनू: स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में बुधवार को पूरा झुंझुनू जिला बंद रहा। सुबह से ही झुंझुनू रोडवेज बस स्टैंड, मंडावा मोड़, गांधी चैक, रेलवे स्टेशन समेत शहर और कस्बों की दुकानें बंद रहीं। संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह पहुंचकर व्यापारियों से समर्थन मांगा, जिस पर व्यापारियों ने भी एकजुटता दिखाई।
स्मार्ट मीटर हटाओ संघर्ष समिति ने बंद का आह्वान किया था। इसके तहत झुंझुनू जिला मुख्यालय के साथ ही चिड़ावा, खेतड़ी, पिलानी, नवलगढ़, गुढ़ा, उदयपुरवाटी में भी सुबह से बाजार से लेकर स्कूल तक पूरी तरह से बंद है। बंद के तहत झुंझुनू कोर्ट में भी बार यूनियन ने कार्य बहिष्कार किया। वकीलों ने अदालत परिसर में नारेबाजी कर स्मार्ट मीटर विरोधी आंदोलन का समर्थन जताया। संघर्ष समिति से जुड़े लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर किसानों के लिए अतिरिक्त बोझ साबित हो रहे हैं। बिजली कटौती की समस्या पहले से है, अब प्रीपेड और महंगे बिल ने हालात और खराब कर दिए हैं।
समिति के सदस्य व जिला परिषद सदस्य पंकज धनकड़ ने कहा कि यदि सरकार स्मार्ट मीटर योजना को वापस नहीं लेती है तो आने वाले पंचायत चुनाव और नगर निकाय चुनाव में भाजपा सरकार का कड़ा विरोध किया जाएगा। वे बोले- जनता अब ठान चुकी है कि भाजपा सरकार के किसी भी उम्मीदवार को वोट नहीं दिया जाएगा। समिति ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा। पंकज धनखड़ ने कहा कि बंद सफल साबित हो रहा है। उन्होंने कहा- यह जनता की जीत है। आज झुंझुनू की आवाज सरकार तक पहुंच चुकी है। किसी भी राजनीतिक दल का इसमें हाथ नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह आमजन का आंदोलन है।
छात्र नेता पंकज गुर्जर ने कहा कि स्मार्ट मीटर के विरोध में आज पूरा जिला पूर्ण रूप से बंद रहा। उन्होंने बताया कि जिले के सभी कस्बों और गांवों में व्यापारियों, संगठनों और आमजन ने एकजुट होकर बाजार बंद रखे। हर जगह आम लोगों ने बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से दुकानों को बंद रखा और आंदोलन का समर्थन किया। झुंझुनू शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी बंद का असर नजर आया है। आसपास के गांवों में छोटे-छोटे बाजार और ढाणी स्तर की दुकानें भी बंद है। युवाओं ने रैली निकालकर लोगों से समर्थन मांगा। ग्रामीणों ने कहा कि यह आंदोलन केवल शहर का नहीं बल्कि पूरे जिले का है।
रिटायर्ड कैप्टन मोहनलाल ने कहा कि आज का बंद जनता की असली आवाज है। उन्होंने बताया कि पहली बार ऐसा नजारा देखने को मिला है जब लोग अपनी मर्जी से दुकानें बंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस बंद में किसी भी तरह का कोई दबाव नहीं डाला गया, बल्कि आमजन खुद ही स्मार्ट मीटर का विरोध करते हुए सड़कों पर उतरे और बाजारों को पूरी तरह बंद रखा है। उन्होंने कहा कि यह साफ हो चुका है कि स्मार्ट मीटर लगने से आम आदमी पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा और इसका सीधा असर उनकी जेब पर पड़ेगा। आरएलपी जिलाध्यक्ष और किसान नेता राजेन्द्र फौजी ने बताया कि आज जिले के 36 कस्बों सहित पूरा झुंझुनूं जिला पूर्ण रूप से बंद है। शहर से लेकर गांवों तक कोई भी दुकान नहीं खुली है। बंद को लेकर आमजन ने एकजुटता दिखाई और सड़कों पर उतरकर विरोध जताया है।