Jalore: जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण की समीक्षा
Jalore जालोर । जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1969 एवं तत्संबन्धी राज्य नियम 2000 के अन्तर्गत जन्म और मृत्यु की घटनाओं के क्रियान्वायन एवं रजिस्ट्रीकरण कार्य के मूल्यांकन करने तथा रजिस्ट्रीकरण के क्रियान्वयन के समन्वयन, पुनरावलोकन तथा रजिस्ट्रीकरण कार्य के सुधार के लिए गठित जिला अन्तर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक जिला कलक्टर, डॉ. प्रदीप के. गावंडे की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई।
बैठक में जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने निर्देश दिए कि जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन के जो आवेदन पहचान पोर्टल पर प्राप्त होते हैं, उन्हें तय समय सीमा में निस्तारित किया जाना सुनिश्चित किया जावें साथ ही सरकारी एवं निजी अस्पतालों को निर्देशित किया गया कि वे संस्थान में होने वाली जन्म एवं मृत्यु की घटनाओं का 21 दिनों की निर्धारित अवधि में पंजीकरण/रिपोर्टिंग अनिवार्य रूप से करें।
जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) एवं उप निदेशक डॉ. धनसिंह राजपुरोहित ने कहा कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में जन्म-मत्यु एवं विवाह पंजीयन वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा विकसित ‘‘पहचान पोर्टल‘‘ के माध्यम से क्षेत्र के सम्बन्धित रजिस्ट्रारों द्वारा किया जा रहा है। पंजीयन के लिए आमजन, ई-मित्र अथवा स्वयं पहचान पोर्टल के माध्यम से सीधे ऑनलाईन आवेदन कर सकते है। इसके साथ ही पुराने हस्तलिखित प्रमाण-पत्रों को ई-साइन युक्त कम्प्यूटराइज्ड प्रमाण-पत्र जारी करने की सुविधा भी विकसित की गई है, जिससे आमजन अपने हस्तलिखित प्रमाण-पत्रों को पहचान पोर्टल पर ऑनलाईन कर सम्बन्धित रजिस्ट्रार द्वारा सत्यापित करने के पश्चात डिजिटल साईन युक्त कम्प्यूटराइज्ड प्रमाण-पत्र प्राप्त कर सकते है।
बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नन्दकिशोर राजोरा, उप चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ चन्द्रशेखर गजराज, जिला रसद अधिकारी आलोक जारवाल, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. कमलेश मीणा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती गंगा कलावंत, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) मुनेश मीणा, नगर परिषद जालोर के अशोक शर्मा सहित संबंधित विभागीय अधिकारी-कार्मिक उपस्थित रहें।