Jaipur जयपुर: राजस्थान के जयपुर में सांड की टक्कर से 67 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई. सांड की टक्कर लगने के बाद बुजुर्ग 41 दिन तक कोमा में रहे और इसी बीच 16 मार्च को उनकी मौत हो गई. घटना के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. मौत की खबर मिलने के बाद जयपुर नगर निगम प्रशासन होश में आया और अपने दल-बल के साथ शहर में घूमकर सांड को पकड़ा. जयपुर के टोंक रोड स्थित सीताबाड़ी निवासी 67 वर्षीय नवरतन अग्रवाल 3 फरवरी की सुबह करीब 8:00 बजे अपने घर से कुछ मीटर दूर दूध लेने निकले थे. इस दौरान सामने से आ रहे सांड ने बुजुर्ग को उठाकर सड़क पर फेंक दिया|
इस घटना से बुजुर्ग को गंभीर चोटें आईं और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया. सांड की टक्कर से सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट आने से वे कोमा में चले गए और 11 दिन तक अस्पताल में वेंटिलेटर पर रहे. 41 दिन बाद हुई मौत जब वेंटिलेटर पर रखे गए डॉक्टरों के इलाज का कोई असर नहीं हुआ तो डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि वह कोमा में चले गए हैं और डॉक्टरों ने परिजनों को उन्हें घर ले जाकर उनकी देखभाल करने को कहा. इसके बाद परिजन बुजुर्ग को घर ले आए और घर पर ही उनका इलाज किया. करीब 41 दिन तक जिंदगी की जंग लड़ते हुए 16 मार्च की सुबह बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया. वहीं इस पूरी घटना के बाद भी जयपुर ग्रेटर नगर निगम प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की और सांड को पकड़ नहीं सका|
16 मार्च को जब बुजुर्ग की मौत हो गई तो एडवोकेट नवीन सिंह चौहान ने निगम में इसकी शिकायत की. फिर 17 मार्च को नगर निगम की टीम जागी और सांड को पकड़ना शुरू किया. बुजुर्ग के परिजनों ने बताया कि नगर निगम की लापरवाही के कारण उनके परिवार के वरिष्ठ सदस्य की मौत हो गई. परिजनों ने 7 फरवरी को सांगानेर थाने में शिकायत दर्ज कराकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई|